घर की दीवारों और दरवाजों को नया लुक देने के लिए लोग समय-समय पर पेंट कराते हैं. खासकर दिवाली या किसी त्योहार से पहले घर की रंगाई-पुताई के काम पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. लेकिन पेंट कराने के बाद भी अक्सर लकड़ी के दरवाजों में दीमक लग जाती, जो उसे पूरी तरह खराब कर देती हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने घर के दरवाजों पर नया पेंट कराने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ रंग और चमक पर ध्यान देना काफी नहीं है. पेंट कराने से पहले यह देखना भी जरूरी है कि लकड़ी में कहीं दीमक तो नहीं लगी है.
कई बार दरवाजा ऊपर से बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, लेकिन अंदर ही अंदर दीमक लकड़ी को खोखला कर रही होती है. खासकर घर के मेन गेट और उसकी चौखट में दीमक लगने का खतरा रहता है. ऐसे में बिना चेक किए पुराना पेंट हटाकर नया करवा देना आपकी परेशानी बढ़ा सकता है. इसलिए पेंट कराने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें, ताकि दरवाजा लंबे समय तक सुरक्षित रहे और आपको बार-बार मरम्मत पर पैसे खर्च न करने पड़ें.
दरवाजा पेंट कराने से पहले चेक करें दीमक: अगर आप अपने घर के पुराने दरवाजे को नए जैसा चमकाने के लिए पेंट कराने का मन बना रहे हैं, तो पहले उसके निचले हिस्से और फ्रेम को अच्छी तरह चेक कर लें. अगर दरवाजे पर मिट्टी जैसी सुरंग दिखे, उसका पेंट फूला नजर आए या उखड़ रहा हो और खोखली आवाज सुनाई दे, तो ये दीमक के संकेत हो सकते हैं. हालांकि, इनकी वजह नमी भी हो सकती है, इसलिए सही तरह से चेक करना बहुत जरूरी है.
सिर्फ पेंट करने से खत्म नहीं होती दीमक: लकड़ी पर नया पेंट या पॉलिश कराने से दीमक खत्म नहीं होती है. अगर दरवाजे में पहले से दीमक लगी है, तो पेंट कराने से पहले लकड़ी की कंडीशन के हिसाब से सही ट्रीटमेंट कराएं. ज्यादा नुकसान होने पर लकड़ी का हिस्सा बदलना भी पड़ सकता है.
नया दरवाजा लगाते समय रखें ध्यान: नया दरवाजा लगवाते समय उस पर पहले ही लकड़ी को दीमक से बचाने वाला ट्रीटमेंट कराएं. साथ ही, लकड़ी का सीधा कॉन्टैक्ट मिट्टी से न होने दें और उसके कटे हुए किनारों की सही फिनिशिंग करवाएं. इससे दीमक के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है.
दरवाजे के आसपास न होने दें सीलन: दरवाजे के पास पानी जमा न होने दें और दीवार या फर्श में सीलन होने पर उसे ठीक कराएं. लकड़ी को लंबे समय तक गीला रखने से बचें. हालांकि, नमी कम करने से ही दीमक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता है.
दीमक लगने पर पहले कराएं इलाज: अगर दरवाजे में दीमक के जरा भी संकेत दिखें, तो उसके ऊपर नया पेंट न कराएं. पहले एक्सपर्ट से चेक कराएं और दीमक का इलाज कराएं. अगर लकड़ी अंदर तक खोखली हो गई है, तो फ्रेम बदलने की जरूरत पड़ सकती है. इसके साथ ही, दीमक कहां से और कैसे लग रही है उसका पता लगाना भी जरूरी है, ताकि समस्या दोबारा न हो.