How To Fix Squeaky Wooden Door: सभी आजकल अपने घर के इंटीरियर पर बहुत ध्यान दे रहे हैं. फिर चाहे फर्श लगवाना हो या फिर रसोई के केबिनेट्स के लिए प्लाई चुनना हो, सभी चीजों में लोग पूरा ध्यान रखकर चीजें लगवाते हैं. इतना ही ध्यान लोग घर के दरवाजे सिलेक्ट करने में लगाते हैं, लेकिन समय के साथ दरवाजे आवाज करने लगते हैं. जी हां, बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि जैसे ही वो अपने घर का दरवाजा खोलते या बंद करते हैं, वैसे ही उसमें से चर्र-चर्र, कर्कश या घिसने जैसी आवाज आती है.
दरवाजे से आने वाली इस आवाज को लोग अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. शुरुआत में ये आवाज छोटी समस्या लगती है, लेकिन कुछ समय बाद इतना परेशान कर सकती है कि रात में दरवाजा खोलना भी मुश्किल लगे. बहुत से लोग इसके लिए सीधा बढ़ई को फोन घुमा देते हैं, जो इसे ठीक करने के ही हजारों रुपये लेकर चला जाता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसा करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. यानी बढ़ई को बुलाने से पहले आप खुद कुछ आसान चीजें चेक कर सकते हैं. सही वजह पकड़ में आ जाए तो कई बार घर पर ही दरवाजे की चर्र-चर्र बंद की जा सकती है. चलिए जानते हैं कैसे आप खुद दरवाजे से आने वाली चर्र-चर्र आवाज को ठीक कर सकते हैं.
सबसे पहले ढीले स्क्रू चेक करें: लकड़ी का दरवाजा बहुत भारी होता है, लेकिन वो छोटे-छोटे कब्जों पर टिका रहता है. कब्जे में स्क्रू लगाकर उसे टाइट किया जाता है, लेकिन समय के साथ यही स्क्रू ढीले हो सकते हैं और दरवाजा थोड़ा नीचे झुककर फ्रेम से रगड़ खाने लगता है. यही वजह चर्र-चर्र की आवाज बन सकती है.
ऐसे में अगर आपका दरवाजा आवाज कर रहा है तो सबसे पहले कब्जे के सभी स्क्रू चेक करें और ढीले स्क्रू को पेचकस से कस दें. अगर स्क्रू घूमता रहे लेकिन लकड़ी में पकड़ न बनाए, तो समझें कि उसका छेद ढीला हो गया है.
स्क्रू की पकड़ खत्म हो गई है तो ये जुगाड़ करें: ढीले स्क्रू के छेद में माचिस की तीली का लकड़ी वाला हिस्सा लगाया जा सकता है. इसके लिए तीली पर थोड़ा वुड ग्लू लगाकर उसे छेद में डालें. ग्लू सूखने के बाद बाहर निकला हिस्सा काटकर बराबर कर दें और फिर थोड़ा लंबा स्क्रू लगाएं. इससे स्क्रू टाइट हो सकता है. अगर दरवाजा बहुत भारी है या कब्जा ज्यादा ढीला हो चुका है, तो बढ़ई की मदद लेना बेहतर है.
स्क्रू ठीक हैं तो कब्जे का पिन देखें: अगर स्क्रू कसने के बाद भी आवाज आ रही है, तो कब्जे के पेंच में फ्रिक्शन इसकी वजह हो सकता है. दरवाजे के नीचे मजबूत सहारा लगाकर पेंच को धीरे-धीरे बाहर निकालें. इसे साफ करने के बाद उस पर हल्की पैराफिन वैक्स या मोम लगा सकते हैं. ड्राई सिलिकॉन स्प्रे भी इस्तेमाल किया जा सकता है. फिर पेंच को वापस लगा दें.
पिन पर जंग है तो पहले साफ करें: नमी की वजह से कब्जे के पेंच पर जंग जम सकती है, जिससे दरवाजा खोलते-बंद करते समय आवाज आती है. पेंच पर जंग या गंदगी दिखे तो पहले बारीक स्टील वूल से उसे साफ करें. इसके बाद सूखे कपड़े से पोंछकर वापस लगा दें. सिर्फ ऊपर से लुब्रिकेंट डालने से जंग की समस्या हमेशा खत्म नहीं होती.
दरवाजा बंद करते समय आवाज आए तो फ्रेम देखें: अगर आवाज खासकर दरवाजा बंद करते समय आती है, तो फ्रेम और दरवाजे का अलाइनमेंट चेक करें. फ्रेम थोड़ा खिसकने पर कब्जे पर दबाव बढ़ सकता है या दरवाजा फ्रेम से रगड़ सकता है. अगर जरूर पड़े तो कब्जे की प्लेट के पीछे बहुत पतली कार्डबोर्ड की लेयर या हिंग शिम लगाकर उसकी पोजिशन थोड़ी बदल सकते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि इसे करते वक्त सावधानी रखें, वरना दरवाजा और टेढ़ा हो सकता है.
पुराने पेंट की परत भी हो सकती है वजह: कई बार पुराने दरवाजों में कब्जे के आसपास पेंट की मोटी लेयर जम जाती है. इससे कब्जा लकड़ी पर ठीक से नहीं बैठता और रगड़ की वजह से आवाज आ सकती है. ऐसी कंडीशन में एक्स्ट्रा पेंट को स्क्रेपर से हटाएं. पेंट हटाने से फ्रिक्शन कम हो जाता है और आवाज भी बंद हो सकती है.
बहुत पुराने कब्जे हैं तो बदलना बेहतर: अगर स्क्रू कसने, पेंच साफ करने और जंग हटाने के बाद भी आवाज बनी रहती है, तो कब्जे घिस चुके हो सकते हैं. ऐसे में उन्हें बदलना ज्यादा सही रहेगा. भारी लकड़ी के दरवाजों में बॉल-बेयरिंग वाले कब्जे लगाए जा सकते हैं, जिनमें फ्रिक्शन कम होता है.