
उत्तर कन्नड़ जिले में वन्यजीव उत्पादों की कथित अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. सिरसी फॉरेस्ट मोबाइल स्क्वाड ने येल्लापुर तालुक के उप्पलेश्वर गांव में छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में संरक्षित वन्यजीवों के अंग और उत्पाद बरामद किए हैं. वन विभाग अब इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है.
वन अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 15.748 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क बरामद किए गए. इसके अलावा इंडियन गौर के दो सींग, आठ बाघ के पंजे, 12 तेंदुए के पंजे, दो बाघ के दांत, तीन तेंदुए के दांत और छह जंगली सूअर के दांत भी जब्त किए गए. वन विभाग ने बरामद सभी वन्यजीव उत्पादों को अपनी कस्टडी में ले लिया है.

तस्करी नेटवर्क के जांच में जुटी पुलिस
तस्करी में इस्तेमाल किए जाने की आशंका में अधिकारियों ने एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर भी जब्त किया है. प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है और वन्यजीव उत्पादों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है.
जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों के इस नेटवर्क में शामिल होने और उनके फरार होने की जानकारी भी सामने आई है. वन विभाग उनकी भूमिका और संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.