कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को आम नागरिकों की तरह मेट्रो ट्रेन में सफर किया. मुख्यमंत्री बेंगलुरु के 'विधान सौध' स्टेशन से मेट्रो में सवार हुए और कनकपुरा रोड के आखिरी स्टेशन तक गए. वहां से वो रोड से अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा के लिए रवाना हुए.
मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा का ये पहला दौरा था. यहां वो लोगों का धन्यवाद करने के लिए 'आभार यात्रा' पर जा रहे थे.
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, ये मुख्यमंत्री की पीपल-फ्रेंडली पहल थी. शिवकुमार ने मेट्रो से यात्रा करने का फैसला इसलिए किया ताकि बेंगलुरु के आम निवासियों को उनके काफिले की वजह से कोई असुविधा न हो.
'पब्लिक ट्रांसपोर्क नेटवर्क बेहद जरूरी'
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री ने पर्यावरण के सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी के लिए सरकार की कमिटमेंट को दोहराने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट चुना.
पोस्ट में आगे लिखा, 'कर्नाटक सरकार बेंगलुरु में लोगों की पहुंच को बेहतर बनाने, जाम को कम करने और तेज, सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए सभी मौजूदा मेट्रो परियोजनाओं में तेजी ला रही है. शहर के भविष्य के विकास, आर्थिक मजबूती और जीवन स्तर को सुधारने के लिए एक ग्लोबल लेवल का पब्लिक ट्रांसपोर्क नेटवर्क बेहद जरूरी है.'
सह-यात्रियों संग की बातचीत
अपनी इस मेट्रो यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अपने साथी यात्रियों का अभिवादन किया और उनसे बातचीत भी की. इस दौरान मेट्रो में सवार कुछ यात्रियों ने उनके साथ सेल्फी भी खींची. मुख्यमंत्री ने खुद भी 'एक्स' पर अपनी इस यात्रा की तस्वीरें पोस्ट कीं.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आज मुझे कनकपुरा जाने के रास्ते में अपने साथी नागरिकों के साथ नम्मा मेट्रो में यात्रा करने का मौका मिला. अपने साथी बेंगलुरुवासियों के साथ इस यात्रा से मुझे ये याद आया कि कर्नाटक के लोगों के जीवन में सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती पब्लिक ट्रांसपोर्ट कितना अहम है.'
सीएम ने आगे लिखा, 'बेंगलुरु हम सभी का है. इसका भविष्य ऐसे समाधानों पर निर्भर करता है जो हर नागरिक के रोजमर्रा के जीवन को आसान, अधिक कनेक्टेड और सुलभ बनाएं. नम्मा मेट्रो इस यात्रा में एक अहम भूमिका निभा रही है.'
राजनीतिक रूप से पालने-पोसने वाली जनता का जताया आभार
कनकपुरा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां कई जनसभाओं में हिस्सा लिया. मेट्रो में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'जनता मुझे डोडालाहल्ली (उनका पैतृक गांव) से लेकर यहां तक आई है. लोग मुझे डोडालाहल्ली, साथनूर (उनका पुराना विधानसभा क्षेत्र), कनकपुरा और बेंगलुरु साउथ से उठाकर इस ऊंचे पद तक लेकर आए हैं.'
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उन्होंने आगे कहा, 'वहां के लोग मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझसे मिलना चाहते थे, लेकिन मैं उन्हें समय नहीं दे पा रहा था. जो लोग मुझसे मिलने यहां आए, वो भी मुलाकात नहीं कर सके. मैंने खुद भी उनसे बेंगलुरु न आने का अनुरोध किया था. मैंने उनसे कहा था कि मैं खुद उनसे मिलने आऊंगा. इसलिए मेरा ये पहला दौरा अपने लोगों से मिलने और उनके प्रति आभार जताने के लिए है.'
शिवकुमार ने आगे कहा, 'पिछले 40 सालों से मुझे राजनीतिक रूप से पालने-पोसने वाले लोगों का शुक्रिया अदा करना मेरा कर्तव्य है.'