कर्नाटक के बिदादी में प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीति तेज हो गई है. राज्य की कांग्रेस सरकार की ओर से किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में अब स्थानीय किसानों ने सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किए हैं.
सैकड़ों किसानों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने और जबरन जमीन छीनने की प्रक्रिया को रोकने की मांग की है. इस आंदोलन को लेकर जनता दल (सेक्युलर) के नेता निखिल कुमार ने सोशल मीडिया पर किसानों के दर्द को बयां किया है.
निखिल कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने खुद राहुल गांधी को पत्र लिखा था. अब उनकी इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सैकड़ों स्थानीय किसानों ने सीधे राहुल गांधी को अपनी व्यथा और गुस्सा लिखकर भेजा है.
33000 करोड़ की जमीन पर हंगामा
अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले लोगों में 80% से ज्यादा छोटे किसान, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोग हैं. किसानों का आरोप है कि राज्य सरकार 33,000 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट एजेंडे को पूरा करने के लिए उपजाऊ जमीन छीन रही है. इसके लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है.
निखिल कुमार ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वो पूरे देश में किसानों के अधिकारों की बात करते हैं, तो क्या वो कर्नाटक के किसानों के साथ खड़े होंगे या अपनी ही सरकार के अन्याय के मूकदर्शक बने रहेंगे?
किसानों के समर्थन में उतरी BJP-JDS
भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को अब मुख्य विपक्षी दल बीजेपी का पूरा साथ मिल रहा है. बुधवार को सुबह 11:00 बजे बीजेपी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल किसानों से मिलने जमीन पर उतरा है. इसके अलावा, जेडीएस ने भी किसानों के पक्ष में आगामी 21 जून से पदयात्रा शुरू करने का ऐलान किया है.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवादी नारायणसामी के नेतृत्व में ये डेलिगेशन केंपय्यना पल्या, अरालालसंद्रा, होसुर और बन्निगिरी गांवों के दौरे पर पहुंचा. इस मौके पर पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथनारायण और विधायक एस. सुरेश कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
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बिदादी में लगे विरोध के पोस्टर
इस सियासी खींचतान के बीच बिदादी में जेडीएस और बीजेपी के खिलाफ अचानक कई पोस्टर लग गए हैं. इन पोस्टरों में बीजेपी और जेडीएस के नेताओं पर पुराने भूमि सौदों को लेकर सवाल उठाए गए हैं. पोस्टरों में विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार और जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.