कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार बुधवार को दिल्ली जाएंगे. यहां वह चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले जो बातें कही थीं, अब वह सही साबित होती दिख रही हैं. शिवकुमार ने कहा कि वह दिल्ली में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे.
उन्होंने बताया कि दिल्ली में विपक्षी दलों के साथ ऑल पार्टी मीटिंग भी होगी. इसमें आगे क्या करना है, इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. अब पूरे देश को इस मुद्दे की जानकारी हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में काफी अनियमितताएं हुई हैं.
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी EC पर साधा निशाना
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी चुनाव आयोग को लेकर बयान दिया. EC के स्पष्टीकरण पर उन्होंने कहा कि आयोग ने जनता का भरोसा खो दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है. अवधेश प्रसाद ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाती रही है. आयोग को लेकर विपक्ष की चिंताएं बनी हुई हैं.
सीएम डीके शिवकुमार भी कहा कि विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं. अब दिल्ली में होने वाली बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
मीडिया से बातचीत के दौरान CM डीके शिवकुमार ने गडग के एक अधिकारी के लापता होने के मामले पर भी बात की. उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़ी समस्या है. अधिकारी के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली थीं. एक व्यक्ति ने दो-तीन बार शिकायत की थी. मामले की जांच पहले से चल रही है.
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने कानूनी दायित्वों के मुताबिक काम नहीं कर रहे थे. अधिकारी पहले भी इसी तरह गायब हुए थे. उस समय उन्हें अजमेर से वापस लाया गया था. इस बार उनके अजमेर और हैदराबाद जाने की जानकारी सामने आई है. विभाग अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले और पूरा होने के बाद उसकी वीडियोग्राफी होनी चाहिए. इससे काम होने का रिकॉर्ड रहेगा. उन्होंने अधिकारी की गतिविधियों को ट्रेस किए जाने की भी बात कही.
बिदादी जमीन विवाद पर क्या बोले शिवकुमार?
CM शिवकुमार ने बिदादी जमीन विवाद पर कहा कि किसी को भी जमीन देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. जो लोग अपनी जमीन देना चाहते हैं, वे दे सकते हैं. जो नहीं देना चाहते, वे मना कर सकते हैं. सड़क को रोकने से आम लोगों को परेशानी हो रही है. यह कोई प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जो काम शुरू किया था, सरकार उसी को आगे बढ़ा रही है.