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किसी के मुंह में चला जाए थर्मामीटर का पारा तो क्या होगा? कितना खतरनाक है?

थर्मामीटर टूटने पर अगर उसका पारा गलती से मुंह में चला जाए तो क्या होता है? क्या इससे तुरंत जान का खतरा हो सकता है? जानिए पारा निगलने, उसके वाष्प से होने वाले खतरे और ऐसी स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

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अगर थर्मामीटर का थोड़ा सी मरकरी गलती से निगल लिया जाए, तो आमतौर पर तुरंत जान का खतरा नहीं होता. ( Photo: ITG)
अगर थर्मामीटर का थोड़ा सी मरकरी गलती से निगल लिया जाए, तो आमतौर पर तुरंत जान का खतरा नहीं होता. ( Photo: ITG)

आजकल बुखार नापने के लिए डिजिटल थर्मामीटर का इस्तेमाल ज्यादा होता है, लेकिन कुछ साल पहले तक कांच वाले थर्मामीटर लगभग हर घर में मिल जाते थे. इनमें पारा भरा होता था. ऐसे में अगर थर्मामीटर गलती से मुंह में टूट जाए और चमकता हुआ पारा मुंह में चला जाए, तो घबराहट होना स्वाभाविक है. मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या पारा निगलते ही जान का खतरा हो सकता है? आखिर शरीर के अंदर जाने के बाद इस पारे का क्या होता है और ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए? आइए, इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं.

थर्मामीटर में जो पारा होता है, उसे धात्विक पारा (Metallic Mercury) कहा जाता है. अगर गलती से इसकी थोड़ी मात्रा मुंह में चली जाए और निगल ली जाए, तो शरीर आमतौर पर इसे बहुत कम मात्रा में ही अपने अंदर लेता है.इसलिए केवल थोड़ी मात्रा में थर्मामीटर वाली मरकरी निगल लेने से आमतौर पर तुरंत गंभीर जहर जैसी स्थिति नहीं बनती. लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि मरकरी सुरक्षित है. मरकरी एक जहरीला मेटल है. इसलिए अगर ऐसी घटना हो जाए, तो सावधानी रखना बहुत जरूरी है.

मरकरी से ज्यादा खतरा कब होता है?
मरकरी को निगलने से ज्यादा चिंता तब होती है, जब मरकरी हवा में फैलकर उसका वेपर बन जाए और कोई उसे सांस के साथ अंदर ले ले. मान लीजिए घर में थर्मामीटर टूट गया और मरकरी फर्श पर छोटी-छोटी बूंदों में फैल गया. ऐसी स्थिति में उसे हाथ से उठाना या झाड़ू से साफ करना सही नहीं है. वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पारे की बूंदें और ज्यादा फैल सकती हैं और हवा में मरकरी के वेपर बढ़ सकते हैं. इसलिए मरकरी फैलने पर बच्चों और पालतू जानवरों को उस जगह से दूर रखें और कमरे में हवा आने-जाने का रास्ता रखें. सफाई के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है.

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थर्मामीटर टूटने पर कांच का खतरा भी होता है
अगर थर्मामीटर मुंह में टूट गया है, तो सिर्फ मरकरी की चिंता नहीं करनी चाहिए. टूटे हुए कांच से जीभ, मुंह या गले में चोट लग सकती है. अगर मुंह या गले से खून आ रहा है, सांस लेने में परेशानी हो रही है, लगातार उल्टी हो रही है या व्यक्ति की हालत खराब लग रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए.

मरकरी निगल लिया तो क्या करें?
अगर गलती से थर्मामीटर का पारा मुंह में चला गया है, तो सबसे पहले मुंह को साफ पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें और पानी थूक दें. डॉक्टर को यह जरूर बताएं कि मरकरी थर्मामीटर से निकला था. अगर पता हो तो यह भी बताएं कि लगभग कितनी मात्रा मुंह में गई थी. आजकल ज्यादातर घरों में डिजिटल थर्मामीटर इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें पारा नहीं होता. कुछ नए कांच वाले थर्मामीटर में भी पारे की जगह दूसरे पदार्थ इस्तेमाल किए जाते हैं. इसलिए कोई थर्मामीटर टूट जाए तो उसके लेबल पर दी गई जानकारी देखना अच्छा रहता है.

अगर थर्मामीटर का थोड़ा सी मरकरी गलती से निगल लिया जाए, तो आमतौर पर तुरंत जान का खतरा नहीं होता. लेकिन मरकरी जहरीला होता है, इसलिए इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. सबसे ज्यादा सावधानी इस बात की रखनी चाहिए कि मरकरी फर्श पर फैलने के बाद उसका वेपर सांस के रास्ते शरीर में न जाए. थर्मामीटर टूटने पर पारे को हाथ से न छुएं, झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर से साफ न करें और बच्चों को उस जगह से दूर रखें. अगर मुंह में कांच चला गया हो, चोट लगी हो या तबीयत बिगड़ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. 

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