धरती पर कई बड़ी छोटी नदियां बहती हैं. कुछ पहाड़ों से निकलकर नीचे मैदान तक सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करती हैं. कुछ नदियां काफी गहरी हैं, तो कुछ ऐसे दुर्गम जगहों से बहती है कि उस तक पहुंचना मुश्किल होता है. लेकिन, इन सबके बीच कुछ ऐसी भी नदियां हैं जो धरती के ऊपर नहीं, समुद्र के अंदर यानी उसके तल बहती है.
यह सुनकर थोड़ा अटपटा लगे, लेकिन हमारी पृथ्वी की भौगोलिक संरचना ऐसी है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है. धरती पर पहने वाली नदियां तो हर किसी ने देखी है. लेकिन समंदर के अंदर बहने वाली नदियों तक कोई नहीं पहुंच पाया है. समंदर के अंदर बहने वाली इन नदियों का वेग इतना ज्यादा होता है कि इनकी चपेट में अगर बड़े से बड़ा जहाज भी आ जाए तो उसे कुचल कर रख दे.
गनीमत है कि समुद्र के तल के नीचे से पहने वाली इन नदियों तक पहुंच पाना इंसानों के लिए संभव ही नहीं हो पाया है. बीबीसी डिस्कवर की रिपोर्ट के मुताबिक, अटलांटिक महासागर की सतह से सैकड़ों मीटर नीचे, एक नदी समुद्र तल के साथ और उसके नीचे बहती है.
धरती से बहती हुई सीधे समंदर में गिरती है ये नदी
कांगो नदी, जो सतह के ऊपर नियमित रूप से बहती है, इतनी शक्तिशाली है कि अटलांटिक महासागर से मिलने पर, गाद से भरपूर मीठा पानी समुद्र की तलहटी में समा जाता है और बहता रहता है. इस प्रकार, समुद्र के नीचे एक सघन, तीव्र गति से बहने वाली नदी का निर्माण होता है, जो सैकड़ों किलोमीटर तक बहती रहती है.
यहां आज तक किसी की मौत नहीं हुई है, क्योंकि यहां तक कोई आया ही नहीं है. समुद्र के अंदर में जहां यह नदी बहती वहां बिना स्पेशल उपकरणों के जाना निश्चित रूप से जानलेवा साबित हो सकता है. इस नदी के पानी का तापमान लगभग शून्य के करीब होता है. दृश्यता न के बराबर होती है और दबाव इतना तेज होता है कि सबसे मजबूत पनडुब्बी को छोड़कर बाकी सब कुछ कुचल दे.
यह भी पढ़ें: खौलता रहता है इस नदी का पानी... पीते ही पक जाते हैं जानवर
इस नदी की तरफ पनडुब्बियां भी नहीं जाती हैं. इस नदियों को पनडुब्बी नदी भी कहा जाता है. क्योंकि, ये पनडुब्बियों की तरह समंदर में पानी के अंदर ही अंदर बहती रहती है. जैसे जमीन पर कोई नदी सैकड़ों किलोमीटर तक बहती है. ठीक उसी तरह यह समंदर के अंदर दर्जनों किलोमीटर तक काफी वेग से बहती रहती है.