अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी हत्या की कोशिश की गई, तो उसका जवाब इतना बड़ा होगा कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिकी मीडिया में ईरान से जुड़े कथित हत्या के खतरे को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई हैं. इसी बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कहा कि उनके पिता की मौत का बदला लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ट्रंप की हत्या की सीधी धमकी नहीं दी है, लेकिन इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है.
ट्रंप को क्यों लग रहा है जान का खतरा?
वॉल स्ट्रीट जर्नल और CNN की रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने अमेरिका के साथ नई खुफिया जानकारी साझा की. इसमें दावा किया गया कि ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की एक नई और अधिक गंभीर योजना तैयार की है. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों को पहले भी ट्रंप के खिलाफ संभावित खतरे की जानकारी थी, लेकिन इस बार मिले इनपुट को ज्यादा गंभीर माना गया.
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि सुरक्षा कारणों से हाल ही में ट्रंप ने तुर्की से लौटते समय अपना विमान बदल दिया था. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी प्रशासन ने नहीं की है.
ट्रंप ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर उनकी हत्या की गई, तो ईरान को 'Complete decimation and destruction' यानी पूरी तरह तबाह होने का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के लिए पहले से निर्देश दिए जा चुके हैं और जरूरत पड़ने पर 'हजारों मिसाइलें' दागी जा सकती हैं.
मुजतबा खामेनेई ने क्या कहा?
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कहा कि उनके पिता की मौत का बदला लिया जाएगा. उन्होंने इसे 'राष्ट्र की मांग' बताया था.

दुनिया के सबसे सुरक्षित नेताओं में शामिल हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे सुरक्षित नेताओं में गिने जाते हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूएस सीक्रेट सर्विस के पास होती है. यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अधीन काम करती है.
फॉर्मर प्रेसिडेंट्स प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों को आजीवन सुरक्षा मिलती है. ट्रंप अब राष्ट्रपति होने के साथ-साथ पूर्व राष्ट्रपति भी रह चुके हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा पहले से ही बेहद मजबूत थी. हालिया खतरों के बाद इसे और सख्त कर दिया गया है.
कैसी होती है ट्रंप की सुरक्षा?
ट्रंप की सुरक्षा कई स्तरों पर काम करती है.
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संभावित खतरों की निगरानी के लिए विशेष इंटेलिजेंस सिस्टम काम करते हैं. ड्रोन सर्विलांस, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन, रियल-टाइम वीडियो मॉनिटरिंग, एयरस्पेस सिक्योरिटी और केमिकल-बायोलॉजिकल डिटेक्शन सिस्टम भी सुरक्षा का हिस्सा हैं.
ट्रंप की आधिकारिक लिमोजिन 'द बीस्ट' दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में मानी जाती है. यह बुलेटप्रूफ होने के साथ-साथ विस्फोट और रासायनिक हमलों से भी सुरक्षा देने के लिए डिजाइन की गई है.
ट्रंप की सुरक्षा में CAT का क्या रोल, हमलावरों से सीधे भिड़ती है यह स्पेशल फोर्स
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा सिर्फ सीक्रेट सर्विस के एजेंटों तक सीमित नहीं होती. उनके सुरक्षा घेरे में काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) भी शामिल रहती है, जिसे सीक्रेट सर्विस की सबसे खास टैक्टिकल यूनिट माना जाता है. किसी भी हमले की स्थिति में जहां राष्ट्रपति की क्लोज प्रोटेक्शन टीम उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाती है, वहीं CAT हमलावरों का सीधे मुकाबला करती है और उन्हें रोकने का काम करती है. करीब 100 से ज्यादा कमांडो वाली यह टीम आधुनिक हथियारों, बुलेटप्रूफ गियर और विशेष प्रशिक्षण से लैस होती है. मोटरकेड, सार्वजनिक कार्यक्रमों और हाई-रिस्क दौरों के दौरान CAT हमेशा तैनात रहती है. इसके जवानों का चयन बेहद कठिन प्रक्रिया से होता है और उन्हें महीनों की विशेष टैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि किसी भी हमले की स्थिति में राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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2024 के हमलों के बाद और बढ़ी सुरक्षा
साल 2024 में ट्रंप पर दो बार जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी. इसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था की काफी समीक्षा की गई. कांग्रेस में भी इस पर सुनवाई हुई और सुरक्षा प्रोटोकॉल में कई बदलाव किए गए.अब ट्रंप के सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहले से ज्यादा एजेंट तैनात किए जाते हैं, सुरक्षा घेरा बड़ा रखा जाता है और तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी गई है.
क्या वास्तव में खतरा बढ़ गया है?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पहले से ही काफी गहरा है. ऐसे में इजरायल की खुफिया जानकारी और ट्रंप के ताजा बयान ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. हालांकि, ईरान ने अब तक ट्रंप की हत्या की किसी नई योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
फिलहाल इतना तय है कि संभावित खतरे को देखते हुए ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और मजबूत कर दी गई है. दुनिया के सबसे सुरक्षित नेताओं में शामिल ट्रंप की सुरक्षा अब सिर्फ सैकड़ों एजेंटों तक सीमित नहीं है, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, खुफिया नेटवर्क और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र के सहारे चौबीसों घंटे की जा रही है.