7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर इतिहास का सबसे बड़ा हमला किया था. हमास ने जमीन, समुद्र और हवा के रास्ते इजरायल पर हमला किया. इसमें लगभग 1200 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए थे. लगभग 250 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था. इस हमले ने इजरायली सेना को चौंका दिया था. यह 1948 में देश बनने के बाद से एक ही दिन में हुई हिंसा की सबसे घातक घटना थी.
सुबह करीब 6:30 बजे हमास ने इज़रायल में सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर हजारों रॉकेट दागे. फिर एक मल्टी डायमेंशनल हमले में सैकड़ों हमास आतंकवादियों और गाजा के अन्य आत्मघाती दस्ते के लड़ाकों ने इजरायल की सीमा सुरक्षा को भेद दिया. उन्होंने सीमा की दीवारों को तोड़ दिया, स्पीडबोटों से समुद्र तटों पर धावा बोला और कम ऊंचाई पर पैराग्लाइडर उड़ाकर रडार से बच निकले.
इजरायली क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद, सशस्त्र आतंकवादियों ने गाजा सीमा के पास स्थित 20 से अधिक कस्बों और गांवों पर हमला कर दिया. सबसे बुरी तरह प्रभावित गांवों में से एक किबुत्ज़ बेएरी था, जो एक छोटा सा सामुदायिक गांव है. वहां छोटे बच्चों और बुजुर्गों सहित 100 से अधिक लोग मारे गए.
आतंकवादियों ने घरों में आग लगा दी और फिर भाग रहे परिवारों पर गोलियां चलाईं. घुसपैठियों ने एक म्यूजिक इवेंट को भी निशाना बनाया. यह इवेंट गाजा सीमा के पास रेगिस्तान में हो रहा था. यह इवेंट एक ओपन कंसर्ट था. हमास के लड़ाकों ने भागने के रास्ते बंद कर दिए और समारोह स्थल पर धावा बोलकर भीड़ पर गोलियां चलाईं.
इस इवेंट में शामिल लगभग 378 लोगों की हत्या कर दी गई. इनमें से ज्यादातर 20 से 29 साल के युवा थे. दर्जनों लोगों को बंधक बना लिया गया. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार , 7 अक्टूबर के हमले के पीड़ितों को, जिन्हें बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था. गाजा में कैद के दौरान भी यौन हिंसा का शिकार होना पड़ा.
हमले की घोषणा करते हुए, हमास के सैन्य प्रमुख ने कहा कि यह अभियान फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर इजरायल के निरंतर कब्जे की प्रतिक्रिया में था. 2007 से इजरायल और मिस्र द्वारा लागू गाजा पट्टी की नाकाबंदी, हमास द्वारा इस क्षेत्र पर राजनीतिक और सैन्य कब्जे की प्रतिक्रिया थी.
इस हमले के जवाब में, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान किया कि हम युद्ध में हैं. 7 अक्टूबर के हमलों के बाद लंबा युद्ध छिड़ गया. संघर्ष के पहले 12 महीनों के दौरान, इज़रायली हवाई हमलों में गाजा के हजारों नागरिक मारे गए, खाना और मेडिकल सप्लाई बाधित हो गई और गाजा के लगभग सभी परिवार विस्थापित हो गए.
13 अक्टूबर 2025 को गाजा में हुए युद्धविराम समझौते के परिणामस्वरूप हमास ने बंधक बनाए गए अंतिम 20 जीवित बंधकों को रिहा कर दिया. जबकि इज़राइल ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों में से कुछ को रिहा किया.