14 अक्टूबर 1947 को पहली बार ध्वनि की गति से विमान उड़ाया गया. इस गति से प्लेन उड़ाने वाले पहले पायलट बने अमेरिकी एयरफोर्स के कैप्टन चार्ल्स ई चक येजर. येजर को एक्स-1 कार्यक्रम के लिए परीक्षण पायलट के रूप में नियुक्त किया गया था. अमेरिकी वायुसेना के कैप्टन चक येजर ध्वनि की गति से भी अधिक तेज उड़ान भरने वाले पहले व्यक्ति बन गए थे.
1923 में मायरा, वेस्ट वर्जीनिया में जन्मे येजर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक फाइटर प्लेन उड़ाने वाले पायलट थे. उन्होंने यूरोप के ऊपर 64 मिशनों पर उड़ान भरे थे. उन्होंने 13 जर्मन विमानों को मार गिराया. खुद उनका भी विमान फ्रांस के ऊपर मार गिराया गया था, लेकिन वे पकड़े जाने से बच गए थे.
युद्ध के बाद, वे उन कई वोलंटियर्स में से एक थे, जिन्हें सुपरसोनिक स्पीड की संभावना का पता लगाने के लिए एक एक्सपेरिमेंटल एक्स-1 रॉकेट विमान की टेस्ट फ्लाइट के लिए चुना गया था. कई सालों तक, कई पायलट का मानना था कि इंसान ध्वनि की गति से अधिक तेज उड़ान भरने के लिए नहीं बना है. उन्होंने यह सिद्धांत बनाया कि ट्रांसोनिक ड्रैग राइज किसी भी विमान को टुकड़े-टुकड़े कर देगा.
14 अक्टूबर 1947 को यह सब बदल गया. जब येजर ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में रोजर्स ड्राई लेक के ऊपर एक्स-1 उड़ाया. एक्स-1 को बी-29 विमान द्वारा 25,000 फीट की ऊंचाई तक उठाया गया और फिर बम बे के माध्यम से छोड़ा गया, जो 40,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और 662 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से उड़ा.
रॉकेट विमान, जिसका नाम 'ग्लैमरस ग्लेनिस' था. येजर की पत्नी के नाम पर रखा गया था. इसे .50-कैलिबर बुलेट के मॉडल पर बनाया गया था. उड़ान की रिपोर्ट दिसंबर 1947 में प्रेस में लीक हो गई, लेकिन प्रोजेक्ट की गोपनीयता के कारण, येजर की उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि जून 1948 तक नहीं की गई.
येजर ने एक टेस्ट पायलट के रूप में काम करना जारी रखा और 1953 में उन्होंने एक एक्स-1ए रॉकेट विमान में 1,650 मील प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी. वे 1975 में ब्रिगेडियर जनरल के पद से अमेरिकी वायु सेना से रिटायर हुए. येजर का 7 दिसंबर, 2020 को 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया.