scorecardresearch
 

CFRP और GFRP सरिया में क्या फर्क है? इनमें सस्ता कौन सा पड़ता है

इन दिनों मार्केट में फाइबर सरिया की खूब डिमांड है. लेकिन, इनमें भी कई तरह के फाइबर सरिया मौजूद हैं. अब समझना ये है कि किस तरह का फाइबर सरिया सस्ता और घर निर्माण के काम के लिए बेहतर होता है.

Advertisement
X
मार्केट में फाइबर सरिया के कई टाइप मिल रहे हैं और सबकी अपनी खासियत है (Photo - AI Generated)
मार्केट में फाइबर सरिया के कई टाइप मिल रहे हैं और सबकी अपनी खासियत है (Photo - AI Generated)

इन दिनों बाजार में स्टील TMT बार के अलावा कई तरह के फाइबर सरिया बिक रहे हैं. इनमें अलग- अलग क्वालिटी के फाइबर सरिया की अपनी खासियत है. CFRP और GFRP ऐसे ही फाइबर सरिया हैं. लेकिन, इनमें से कौन सा बेहतर और सस्ता पड़ेगा ये जानना जरूरी है. चलिए जानते हैं जब दोनों फाइबर सरिया ही है फिर इनमें फर्क क्या है.  

CFRP सरिया यानी कार्बन फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीमर और GFRP मतलब ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीमर सरिया होता है. दोनों ही फाइबर-आधारित पॉलिमर सरिया यानी FRP रीबार हैं. फिर भई इन दोनों में इनकी मजबूती, मटेरियल और कीमत को लेकर अंतर होता है.

CFRP सरिया 
CFRP सरिया को कार्बन फाइबर के रेशों को रेजिन के साथ जोड़कर बनाया जाता है. इसकी टेंसाइल स्ट्रेंथ यानी खिंचाव क्षमता और मॉड्यूलर स्ट्रेंथ GFRP के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है. यह कम झुकता है और भारी लोड या प्री-स्ट्रेसिंग वाले कामों के लिए बेहतरीन है.

यह बिजली का सुचालक यानी एक अच्छा कंडक्टर होता है. यानी इसमें करंट आने की संभावना रहती है. इसे आमतौर पर सामान्य निर्माण में प्राइमरी सरिया की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि पुराने स्ट्रक्चर की मजबूती बढ़ाने या विशेष हाई-परफॉर्मेंस इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में काम में लिया जाता है. 

Advertisement

किसी घर को अगर रिपेयर किया जा रहा है और उसमें नए कॉलम या बीम देने हैं तो सीएफआरपी सरिया का इस्तेमाल करने बेहतर होगा. यह पुराने घर को डबल मजबूती देता है. 

GFRP सरिया 
वहीं ग्लास फाइबर रीइन्फोर्सड पॉलिमर या GFRP सरिया हजारों पतले ग्लास फाइबर को रेजिन से जोड़कर बनाया जाता है, जो दिखने में प्लास्टिक या पीले- हल्के रंग का होता है. वजन में यह लोहे (स्टील) के मुकाबले लगभग 4 गुना हल्का होता है और इसमें बिल्कुल जंग नहीं लगती. हालांकि CFRP की तुलना में इसकी कठोरता कम होती है.

यह भी पढ़ें: MLP शीट्स क्या है? फाइबर और प्लाईवुड से ज्यादा डिमांड में क्यों है

यह बिजली का कुचालक यानी बेहतर इंसुलेटर होता है और मैग्नेटिक इंटरफेरेंस नहीं करता. यह  समुद्री किनारों, पुलों, सीवेज प्लांट, और ऐसी जगहों पर ज्यादा इस्तेमाल होता है जहां जंग लगने का खतरा अधिक होता है. सबसे ज्यादा इसका इस्तेमाल वैसे बिल्डिंग बनाने में होता है, जहां मैग्नेटिक लैब हो. जैसे एमआरआई मशीन वगैरह इंस्टॉल की जानी हो. 

इनमें सस्ता कौन सा पड़ता है?
CFRP की तुलना में GFRP सरिया काफी सस्ता पड़ता है. CFRP कुछ ज्यादा ही महंगा होता है.  क्योंकि इसमें लगने वाला कार्बन फाइबर और उसकी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया बहुत महंगी होती है. साथ ही यह नॉर्मल घर कंस्ट्रक्शन में कम इस्तेमाल होता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: फाइबर ग्लास क्या है? मार्बल और टाइल्स से ज्यादा ट्रेंड में क्यों है

सामान्य तौर पर GFRP सरिया CFRP के मुकाबले मटेरियल की लागत में 40% से 60% तक सस्ता पड़ता है. आम घर निर्माण में इसका इस्तेमाल किया जाता है. यदि लोहे (स्टील) से तुलना करें, तो बाजार में लोहे का सरिया लगभग 54 से 66 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता है, जबकि GFRP सरिया की कीमत क्वालिटी और साइज के हिसाब से लगभग 150 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पड़ती है. लेकिन वजन में हल्का होने और जंग न लगने के कारण लंबे समय के मेंटेनेंस खर्च में GFRP फायदेमंद साबित हो सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement