उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने की तैयारी में है. प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने 6 से 11 अक्टूबर तक प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान खासतौर पर कुमाऊं और गढ़वाल के पर्वतीय इलाकों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर भी शुरू हो सकता है.
मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है. कुमाऊं और गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. कुछ जगहों पर बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने इन परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ और शुष्क रहने का अनुमान है. यानी मौसम का ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों में देखने को मिल सकता है.
4200 मीटर से ऊपर बर्फबारी का अनुमान
मौसम में बदलाव का असर सबसे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में दिखाई देगा. मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, 6 से 8 अक्टूबर के बीच 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो सकती है. इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर के बीच करीब 3800 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ गिरने की संभावना है. यानी मौसम के अगले चरण में बर्फबारी का दायरा कुछ नीचे तक आ सकता है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों और इन क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए मौसम का यह बदलाव खास महत्व रखता है. मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
दिनांक 05.10.2026 को जारी उत्तराखंड राज्य हेतु मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी https://t.co/vZMUBD9Yhy
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) October 5, 2026
मौसम विभाग ने प्रदेश के सात जिलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. इनमें चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी शामिल हैं. इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. इसलिए इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खासतौर पर तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है.
मौसम विभाग ने 6 और 7 अक्टूबर के लिए कुछ जिलों में मध्यम बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली गिरने की आशंका जताई है.इन जिलों में नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी शामिल हैं. इन इलाकों में बारिश के साथ मौसम तेजी से बदल सकता है. गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पहाड़ों में रहने वालों और यात्रियों को सलाह
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलाव मुख्य रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिलेगा. बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है. ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है. वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करने वालों को भी सतर्क रहने को कहा गया है.
उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव के दौरान एक तरफ जहां मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ और शुष्क रहने का अनुमान है, वहीं पहाड़ों में बारिश, तेज हवा, गरज-चमक और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग का येलो अलर्ट 6 से 11 अक्टूबर तक लागू रहेगा. इस दौरान चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी बताई गई है. वहीं 6 और 7 अक्टूबर को नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है.