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निठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में चाय की दुकान में लगाई फांसी

बहुचर्चित निठारी कांड के सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह पिछले कुछ दिनों से वहां चाय की दुकान चला रहा था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

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सुरेंद्र कोली ने सुसाइड किया.(Photo- PTI)
सुरेंद्र कोली ने सुसाइड किया.(Photo- PTI)

बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. कोली हरिद्वार शहर कोतवाली के भूपतवाला इलाके में रह रहा था. पिछले कुछ दिनों से वह इसी इलाके में चाय की दुकान चला रहा था. इसी दौरान उसने चाय की दुकान पर फांसी लगाकर जान दे दी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. सुरेंद्र कोली निठारी कांड के मामलों में आरोपी था और हाल ही में इन मामलों में बरी किया गया था. पुलिस अब उसकी मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है.

SHO कुंदन सिंह राणा ने आजतक को बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे इस संबंध में कॉल मिली थी. इसके बाद जब मृतक की ID चेक की गई तो पता चला कि उसने अपना नाम सुरेंद्र कोली बताया था. SHO के मुताबिक, मृतक के पास से मिली ID निठारी वाले सुरेंद्र कोली से मिलती है. उन्होंने बताया कि व्यक्ति ने रस्सी को ऊपर से बांधकर फांसी लगाई थी.

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत

 निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी मामले में भी सुरिंदर कोली को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी. 11 नवंबर 2025 को अदालत ने उसे इस मामले में बरी कर दिया था. अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोली को दोषी ठहराने और सजा सुनाने के लिए पिछली अदालतों ने जिन सबूतों को आधार बनाया, वे कानूनी कसौटी पर खरे नहीं उतरते थे. अदालत के मुताबिक ये सबूत अवैध, भरोसे के लायक नहीं और आपस में विरोधाभासी थे.

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क्या है पूरा मामला

निठारी इलाके में 2005-06 के दौरान बच्चों और महिलाओं के लापता होने की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी. लगातार सामने आ रहे इन मामलों की पड़ताल के दौरान पुलिस 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 तक पहुंची. कोठी के पीछे मौजूद नाले और आसपास के इलाके की तलाशी में पुलिस को कई मानव खोपड़ियां, हड्डियां, कपड़े और दूसरी चीजें मिली थीं.

इन बरामदगियों के बाद मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद जनवरी 2007 में इस मामले की जांच CBI को सौंप दी गई. पुलिस ने गुमशुदगी और अपराध से जुड़े कुल 19 अलग-अलग FIR दर्ज किए थे. इनमें से 16 मामलों में CBI ने चार्जशीट दाखिल की थी. जांच के दौरान सुरेंद्र कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने जैसे आरोप लगाए गए थे.

इस मामले में सह-आरोपी रहे मोनिंदर सिंह पंढेर भी कई साल तक जेल में रहे थे. केस में बरी होने के बाद उन्हें 20 अक्टूबर 2023 को जेल से रिहा कर दिया गया था. 2006 में गिरफ्तारी के समय सुरेंद्र कोली की उम्र 30 साल थी. अलग-अलग मामलों में उसे वर्षों के दौरान कई बार मौत की सजा सुनाई गई थी.

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