प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केदारनाथ मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की. मोदी ने मंदिर में रुद्राभिषेक किया. प्रधानमंत्री ने करीब 20 मिनट तक पूजा की. PM ने यहां 5 योजनाओं का शिलान्यास किया. पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत जय-जय केदार के उद्घोष से की. उन्होंने गढ़वाली भाषा में भी भाषण दिया.
PM ने अपने यहां से सभी देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी. उन्होंने गुजरात के नव वर्ष की भी बधाई दी. मोदी ने कहा कि एक समय था कि मैं यहां पर ही रहता था, लेकिन शायद प्रभु की इच्छा नहीं थी कि मैं हमेशा यहां पर ही रहूं. आज एक बार फिर बाबा ने मुझे अपनी शरण में बुलाया है.
Building modern infrastructure in Kedarnath but the traditional soul will be preserved and will ensure environment laws not flouted: PM
— ANI (@ANI)
मोदी ने कहा कि आज यहां से नई ऊर्जा लेकर 2022 में न्यू इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे. मोदी ने कहा कि 2013 में जब यहां पर आपदा आई थी तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और यहां के पुनर्निर्माण करने की अपील की थी. तब यहां के मुख्यमंत्री ने बैठक में हां कर दी थी, लेकिन थोड़ी देर में दिल्ली की राजनीति में तूफान आ गया था. और दिल्ली के दबाव के कारण उत्तराखंड सरकार ने गुजरात की मदद लेने से मना कर दिया.
पीएम ने बताया कि आज हमने जिन 5 परियोजनाओं का शिलान्यास किया है. उनके तहत घाटों को सुधारा जाएगा, सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा. भव्य और दिव्य वातावरण का निर्माण होगा, पुजारियों के लिए थ्री इन वन घर बनेगा.
पीएम ने कहा कि गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के पैदल ट्रैक को चौड़ा करने का काम भी सरकार करेगी. पीएम ने बताया कि इन योजनाओं के तहत मंदाकिनी और सरस्वती नदी के तट पर घाट बनाए जाएंगे.
मोदी ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य की समाधि का भी पुनर्निर्माण भी होगा. उन्होंने कहा कि मैं सभी सरकारों, उद्योग जगत के लोगों से अपील करता हूं कि वो इस काम में साथ आएं. मोदी ने कहा कि मेरे यहां आने का मकसद था कि लोग पुराने हादसे को भूलकर यहां पर आने की शुरुआत करें. उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं में पर्यावरण के सभी नियमों का ध्यान रखा जाएगा.
: PM Narendra Modi offers prayers at Kedarnath Temple— ANI (@ANI)
PM Narendra Modi at Kedarnath Temple
— ANI (@ANI)
आपको बता दें कि 2013 में प्राकृतिक आपदा केदारनाथ धाम को काफी नुकसान पहुंचा था. उत्तराखंड का केदारनाथ धाम, भारत के चार सबसे अहम धामों में से एक है. इस आपदा में करीब 4500 से ज्यादा लोग मारे गए थे.
इससे पहले पीएम मोदी ने इसी साल मई महीने में केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की थी. पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही वहां पहुंच गए थे. प्रधानमंत्री ने पवित्र मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की थी और उन्हें मंदिर की एक प्रतिमूर्ति भी भेंट में दी गई थी.
वहीं के दौरान इस धार्मिक स्थल के पुनर्निर्माण से जुड़ी कई योजनाओं का उद्धघाटन करेंगे. इसमें मंदाकिनी और सरस्वती नदी पर बने घाट और मंदिर की सुरक्षा के लिए बनी सुरक्षा दीवार और मंदिर तक जाने के रास्ते का उद्धघाटन करेंगे.
जवानों संग बनाई दिवाली
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर में जवानों के साथ दीवाली मनाने के लिए गुरेज सेक्टर पहुंचे. यहां उन्होंने जवानों के साथ दो घंटे बिताए और उनके साथ दिवाली मनाई. बांदीपुरा का गुरेज सेक्टर जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप स्थित है.
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत, उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू और चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु भी प्रधानमंत्री के साथ गुरेज सेक्टर पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की रक्षा करने वाले जवानों को मिठाई खिलाकर बधाई दी.