उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में 20 जून से जारी विवाद के बीच प्रशासन को आंशिक सफलता मिली है. गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंगों में से तीसरे निहंग के नीचे आने की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही अब कुल चार निहंग छत पर मौजूद हैं, जबकि तीन निहंग प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद नीचे उतर चुके हैं. हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित इस गुरुद्वारे को लेकर पिछले चार दिनों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
क्या है मामला?
गौरतलब है कि शनिवार को गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंग यात्रियों के बीच हुए विवाद के बाद कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और वहीं डटे रहे. आरोप है कि इस दौरान सेवादारों के साथ धक्का-मुक्की तथा अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी हुईं. सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और आईटीबीपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का आकलन किया.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. प्रशासन लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में है और बातचीत के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है. कई दौर की वार्ता के बावजूद अब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है.
हालांकि इधर, जिला प्रशासन और पुलिस लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि पूरे घटनाक्रम का श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है. दोनों यात्राएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तरह जारी है.
निहंगों से लगातार बातचीत जारी
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने आजतक से फोन पर बातचीत में बताया कि प्रशासन की ओर से लगातार संवाद की प्रक्रिया जारी है. इसी प्रयास के तहत एक और निहंग नीचे आया है. अधिकारियों को उम्मीद है कि शेष चार निहंग भी बातचीत के जरिए जल्द ही छत से नीचे उतरेंगे. वाद के बीच क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
फेक न्यूज प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई
इस बीच सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित सिख विरोधी अभियानों और भ्रामक सूचनाओं पर चिंता जताई. प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए अफवाह फैलाने वालों तथा फेक न्यूज प्रसारित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए हुए है और भ्रामक सामग्री, अफवाह फैलाने वाले पोस्ट तथा किसी समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर है.