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बहस, डर और फिर छत पर डेरा... उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे मामले में निहंगों का यू-टर्न, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और सेवादारों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न तो गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा किया गया है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है. हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है.

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प्रशासन का कहना है कि चारधाम और हेमकुंड यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है (Photo: ITG)
प्रशासन का कहना है कि चारधाम और हेमकुंड यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है (Photo: ITG)

उत्तराखंड के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून को हुई घटना के संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आमजन और श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा कहीं भी किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है.

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि 20 जून को अपराह्न 3:40 बजे पुलिस कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग को आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि नगरासू स्थित गुरुद्वारे में दो पक्षों के बीच आपसी विवाद और कहासुनी हो रही है. सूचना प्राप्त होते ही घोलतीर चौकी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा स्थिति का जायजा लिया.

उन्होंने बताया कि मौके पर गुरुद्वारे के सेवादारों और वहां आए कुछ निहंग सिख यात्रियों के बीच किसी विषय को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी. पुलिस द्वारा तत्काल कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की गई तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई. इस दौरान कुछ निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर चले गए तथा उन्होंने छत तक पहुंचने वाले मार्ग को बंद कर दिया.

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस, जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा लगातार निहंग सिखों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है तथा उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं तथा एक निहंग सिख छत से नीचे उतरकर प्रशासन और पुलिस के साथ बातचीत कर रहा है. शेष व्यक्तियों से भी लगातार संवाद जारी है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कई जानकारियां भ्रामक और तथ्यहीन हैं. गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया गया है तथा न ही किसी को बंधक बनाया गया है. गुरुद्वारे में लंगर व्यवस्था पूर्ववत सुचारू रूप से संचालित हो रही है. श्रद्धालु और यात्री सामान्य रूप से गुरुद्वारे में आ-जा रहे हैं, ठहर रहे हैं तथा अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं. इसके अतिरिक्त गुरुद्वारे में अरदास और अन्य धार्मिक गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं.

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: हथियारों से लैस निहंगों ने गुरुद्वारे पर किया कब्जा, भक्त को बनाया बंधक... इंटरनेट बंद

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने कहा कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा एवं चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है. यात्रा मार्गों पर कहीं भी किसी प्रकार का ट्रैफिक अवरोध या व्यवधान नहीं है तथा सभी श्रद्धालु सहज और सुरक्षित रूप से आवागमन कर रहे हैं. सड़क मार्ग भी पूर्ण रूप से संचालित हैं और यात्रा व्यवस्थाएं सामान्य बनी हुई हैं.

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जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ माध्यमों से यात्रा प्रभावित होने संबंधी भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए बिना किसी चिंता के श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा में सम्मिलित होने का आह्वान किया.

पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी कहा कि चारधाम यात्रा और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पूर्णतः सामान्य रूप से संचालित हो रही है. यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा प्रमुख स्थलों और संवेदनशील बिंदुओं पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है. यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारू है और सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं.

प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से सभी नागरिकों, स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं से शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा न करने की अपील की है.

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन के अनुसार 7 निहंग सिखों में से एक नीचे उतरकर प्रशासन से बातचीत कर रहा है. प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी.

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प्रशासन का कहना है कि गुरुद्वारे पर कब्जा नहीं किया गया है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है. सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचने की अपील की गई है.

निहंग सिख का बयान

7 निहंगों में से एक ने नीचे आकर बयान दिया कि, “हम ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जा रहे थे और यात्रा कर रहे थे. नगरासू गुरुद्वारे में खाने के लिए रुके थे. जब अंदर पहुंचे तो वहां सेवादारों ने हमारे साथ बदतमीजी की. जब हम बाहर निकले तो पुलिस को देखकर हमें लगा कि गुरुद्वारा प्रबंधन ने हमारे लिए पुलिस बुला ली है. इसी डर की वजह से हम छत पर चले गए. मैं बिल्कुल ठीक हूं और अपने घर जाना चाहता हूं.”

 

एसएसपी ने क्या बताया?

आजतक से फोन पर बातचीत में रुद्रप्रयाग एसएसपी नीहारिका तोमर ने बताया कि अब तक की जांच और बातचीत में सामने आया है कि निहंगों का विवाद नगरासू गुरुद्वारा के सेवादारों से हुआ था. कर्णप्रयाग के किसी मामले का निहंगों द्वारा बातचीत में कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है.

उन्होंने बताया कि सेवादारों से विवाद के बाद गुस्से में कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे. उनमें से एक नीचे उतरकर प्रशासन से बातचीत कर रहा है. वह सुरक्षित है और प्रशासन को उम्मीद है कि बाकी निहंग भी मान जाएंगे. गुरुद्वारे में अरदास और लंगर की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है.

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