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केदारनाथ में मौसम की मार, एयर एम्बुलेंस बनी 'संजीवनी', 50 से ज्यादा श्रद्धालु एयरलिफ्ट

केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान मौसम में बदलाव और ऊंचाई के कारण श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ रही है. पुलिस और एसडीआरएफ के जवान तुरंत मदद के लिए पहुंचते हैं और जरूरतमंदों को हेलीपैड तक सुरक्षित पहुंचाते हैं.

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केदारनाथ में मौसम के बदलावों के कारण कई बार गंभीर बीमार श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया गया है
केदारनाथ में मौसम के बदलावों के कारण कई बार गंभीर बीमार श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया गया है

केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान बदलता मौसम श्रद्धालुओं की परीक्षा ले रहा है. कभी बारिश, कभी बर्फबारी तो कभी तेज धूप के कारण यात्रा की मुश्किलें बढ़ रही हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और ऑक्सीजन की कमी के चलते कई श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ रही है. ऐसे हालात में एयर एम्बुलेंस गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालुओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है. अब तक 50 से ज्यादा यात्रियों को एयर एम्बुलेंस के जरिए एयरलिफ्ट किया जा चुका है.

केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मदद के लिए पहुंच रहे हैं. दुर्गम रास्तों से बीमार श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से हेलीपैड तक लाया जा रहा है. इसके बाद डॉक्टरों की सलाह और मरीज की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें एयर एम्बुलेंस के जरिए आगे उपचार के लिए भेजा जा रहा है.

50 से ज्यादा श्रद्धालुओं को किया गया एयरलिफ्ट

केदारनाथ यात्रा के दौरान अब तक 50 से अधिक श्रद्धालुओं को एयर एम्बुलेंस की सुविधा दी जा चुकी है. समय पर एयरलिफ्ट की सुविधा मिलने के कारण गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को जल्द इलाज के लिए पहुंचाने में मदद मिल रही है. यात्रा मार्ग पर कई स्थान ऐसे हैं, जहां सामान्य वाहनों की पहुंच आसान नहीं है.

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ऐसे में पुलिस और एसडीआरएफ के जवान यात्रियों तक मदद पहुंचाने की अहम कड़ी बने हुए हैं. किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जवान मौके पर पहुंचते हैं. इसके बाद मरीज को दुर्गम रास्तों से सुरक्षित हेलीपैड तक पहुंचाया जाता है. जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस के जरिए मरीज को आगे इलाज के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

डॉक्टरों की सलाह पर होता है एयरलिफ्ट का फैसला

रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के मुताबिक, केदारनाथ के पैदल यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है. किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर सबसे पहले डॉक्टर उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच करते हैं. इसके बाद डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही जरूरतमंद मरीज को एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया जाता है.

केदारनाथ की कठिन चढ़ाई के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि बारिश, बर्फबारी, ठंड और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी कुछ यात्रियों के लिए परेशानी पैदा कर रही है. ऐसे में जमीन पर पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों की मुस्तैदी और आसमान से एयर एम्बुलेंस की मदद यात्रियों के लिए सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है.

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