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हरिद्वारः रेल लाइन के दोहरीकरण के ट्रायल रन के दौरान हादसा, 4 मरे

स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर कार्य चल रहा है और इस पर ट्रेन नहीं आती है. इसलिए लोग निश्चिंत होकर ट्रैक को आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया करते हैं लेकिन बिना पूर्वसूचना के रेलवे ट्रैक का ट्रायल रन करने से चार लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे.

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हरिद्वार में ट्रेन हादसे में 4 लोगों की मौत (सांकेतिक-पीटीआई)
हरिद्वार में ट्रेन हादसे में 4 लोगों की मौत (सांकेतिक-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दोहरीकरण के बाद किया जा रहा था ट्रायल रन
  • हादसे में मरने वालों की नहीं हो सकी पहचान
  • CM रावत ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए

हरिद्वार में आज गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा हो गया. यहां पर रेलवे लाइन की दोहरीकरण के बाद आज ट्रेन ट्रायल रन पर थी लेकिन दौरान बड़ा हादसा हो गया जिसमें ट्रेन से कटकर 4 लोगों की मौत हो गई. कहा जा रहा है कि ट्रेन के ट्रायल से पहले क्षेत्र में किसी भी तरह का अनाउंसमेंट नहीं करवाया गया. 

रेल हादसे में मरने वालों की अभी पहचान नहीं हो सकी है. रेल लाइन की दोहरीकरण के बाद आज ट्रेन का ट्रायल रन किया जा रहा था जिस दौरान यह हादसा हो गया. हादसे के बाद पुलिस और जीआरपी के अधिकारी मोके पर पहुंच गए हैं. घटना की जांच की जा रही है.

हरिद्वार में गुरुवार शाम रेलवे के डबल ट्रैक के ट्रायल रन के दौरान ट्रेन से कटकर चार लोगों की मौत हो गई. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच करने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.

हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में जमालपुर कंला में गुरुवार को ट्रायल के लिए चलाई गई ट्रेन ने चार लोगों की जान ले ली. हादसे का शिकार हुए चारों लोग कौन थे, कहां के रहने वाले थे और रेलवे ट्रैक पर क्या कर रहे थे, कुछ पता नहीं चल सका है और उनकी पहचान भी नहीं हो सकी है. उनके शव के क्षत-विक्षत टुकड़े पड़े हुए थे. पुलिसकर्मियों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है.

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रेल अधिकारियों की लापरवाहीः विधायक
घटना करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में आस-पास के लोग भी एकत्र हो गए थे. क्षेत्रीय हरिद्वार ग्रामीण के विधायक स्वामी यतीश्वरनन्द ने घटना स्थल पहुंचकर घटना को बहुत दुखद बताया और कहा है कि रेलवे की अधिकारियों से बहुत बड़ी भूल हुई है.

दरअसल, हरिद्वार से लक्सर के बीच पटरी की दोहरीकरण का कार्य पूरा हुआ है और गुरुवार को उसका ट्रायल रन किया गया और जिस ट्रेन से यह हादसा हुआ वह ट्रायल रन की ट्रेन थी. बताया जा रहा है कि जब हादसा हुआ उस समय ट्रेन की गति काफी अधिक थी और ट्रेन के ट्रायल से पूर्व क्षेत्र में किसी भी तरह का अनाउंसमेंट नहीं करवाया गया था, जबकि यह पूरा क्षेत्र घनी आबादी के क्षेत्र एयर ट्रेक के दोनों ओर खुला हुआ है.

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मृतकों की शिनाख्त नहींः ASP मनोज

यहां रहने वाले भी यही जानते हैं कि इस रेलवे ट्रैक पर कार्य चल रहा है और इस पर ट्रेन नहीं आती है. इसलिए लोग निश्चिंत होकर ट्रैक को आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया करते थे लेकिन बिना पूर्वसूचना के रेलवे ट्रैक का ट्रायल रन करने से चार लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे.

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जीआरपी के एएसपी मनोज कत्याल का कहना है कि हरिद्वार क्षेत्र में जमालपुर एक स्थान है यहां पर एक ट्रायल रन हो रहा था. ट्रैक का अभी डबलिंग ट्रैक का काम चल रहा था उस पर ट्रायल रन चला था. ट्रायल रन की ट्रेन थी उससे रन ओवर की घटना हुई है और इसमें लगभग तीन से चार लोग लोगों की मृत्यु होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि शव को अभी पोस्टमार्टम हाउस ले जाया जा रहा है. वहां पर डिटेल कंफर्म हो जाएंगी. फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है. हम लोग आगे की कार्रवाई इसमें कर रहे हैं.

क्षेत्रीय हरिद्वार ग्रामीण के विधायक स्वामी यतीश्वरनन्द का कहना है कि बहुत ही दुखद घटना है यह जो नई लाइन बिछाई गई है. गुरुवार को इसकी ट्रायल के लिए ट्रेन इस पर बड़ी स्पीड से निकाली गई थी, लेकिन इसमें मैं समझता हूं बहुत बड़ी गलती हुई है अगर नई रेलवे लाइन की ट्रायल करनी थी तो पहले अनाउंसमेंट करना चाहिए था क्योंकि आबादी का क्षेत्र है दोनों साइड में बहुत बड़ी घनी आबादी रहती है. उसमें कहीं ना कहीं रेलवे के अधिकारियों से या दूसरे लोगों से यह बहुत बड़ी चूक हुई है.

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