रेस्टोरेंट में खाना खाते समय अगर प्लेट में कोई ऐसी चीज निकल आए, जिसकी उम्मीद बिल्कुल न हो, तो किसी का भी खाने से मन हट सकता है. हैदराबाद के माधापुर इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट में मटन मंडी खाते समय एक ग्राहक के साथ ऐसा ही हुआ. ग्राहक ने आरोप लगाया कि उसकी प्लेट में मांस के साथ दांत जैसी दिखने वाली एक छोटी चीज मिली. शुरुआत में रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने उसे मटन की हड्डी बताया, लेकिन बाद में मामला सामने आने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया.
यह मामला माधापुर स्थित द जॉइंट अल मंडी (The Joint Al Mandi) रेस्टोरेंट का बताया गया है. ग्राहक की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया और नोटिस जारी किया. अधिकारियों के मुताबिक, खाने में मिला टुकड़ा किसी व्यक्ति का प्राकृतिक दांत नहीं, बल्कि दांत का कैप था. हालांकि, इस घटना ने खाने की गुणवत्ता और रेस्टोरेंट में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर चर्चा शुरू कर दी है.
काम के सिलसिले में माधापुर पहुंचे थे ग्राहक
श्याम प्रसाद बुधवार को अपने एक दोस्त के साथ काम के सिलसिले में माधापुर पहुंचे थे. दोनों को एक संस्थान में काम था. इसी दौरान उन्होंने दोपहर का भोजन करने के लिए द जॉइंट अल मंडी रेस्टोरेंट जाने का फैसला किया. दोनों ने वहां मटन जूसी मंडी ऑर्डर की. खाना खाते समय उन्हें प्लेट में मांस के बीच एक छोटी-सी चीज दिखाई दी, जो देखने में सड़े हुए दांत जैसी लग रही थी. इसे देखकर ग्राहक हैरान रह गए. उन्हें समझ नहीं आया कि खाने में यह चीज कहां से आई. श्याम प्रसाद के मुताबिक, उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी और उनसे इस बारे में जवाब मांगा. इसके बाद कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच इस बात को लेकर बातचीत हुई कि प्लेट में मिला टुकड़ा आखिर क्या है.
पहले हड्डी बताया, फिर दांत का कैप निकला
ग्राहक का आरोप है कि जब उन्होंने खाने में मिली चीज के बारे में कर्मचारियों को बताया तो शुरुआत में उसे मटन की हड्डी कहा गया. हालांकि, ग्राहक इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कर्मचारियों से उस टुकड़े को ध्यान से देखने के लिए कहा. इसके बाद कर्मचारियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह हड्डी नहीं, बल्कि दांत जैसा टुकड़ा था. ग्राहक के अनुसार, रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने माफी मांगी और उन्हें एक अन्य खाद्य पदार्थ मुफ्त में देने की पेशकश भी की. इसके बाद उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया. श्याम प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में रेस्टोरेंट प्रबंधन ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुताबिक, प्रबंधन की ओर से उन्हें यह भी कहा गया कि वह जिस अधिकारी या विभाग के पास जाना चाहें, जा सकते हैं. हालांकि, इस मामले में ग्राहकों की ओर से लगाए गए आरोपों और रेस्टोरेंट प्रबंधन के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है. घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
फूड सेफ्टी विभाग ने किया निरीक्षण, जारी किया नोटिस
मामले की जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचने के बाद रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने खाने में मिले टुकड़े को लेकर जानकारी जुटाई और रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किया. जांच के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाने में मिला टुकड़ा प्राकृतिक दांत नहीं, बल्कि दांत का कैप था. दांत का कैप वह कृत्रिम आवरण होता है, जिसे दांत की सुरक्षा या उसकी बनावट को ठीक करने के लिए लगाया जाता है. फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई के बाद अब रेस्टोरेंट में भोजन तैयार करने, उसे परोसने और साफ-सफाई से जुड़े मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नोटिस जारी होने का अर्थ अपने आप में किसी आरोप की अंतिम पुष्टि नहीं है. मामले में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित नियमों के अनुसार होगी.