हैदराबाद में तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को राज्य के 33 में से 31 जिलों के 365 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. इनमें से 111 मंडल गंभीर और 254 मध्यम के दर्जे में आते हैं. सरकार ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
मुख्य सचिव संजय जाजू की आदेश के मुताबिक, यह घोषणा 2026 के लिए की गई है और इससे जुड़ी अधिसूचना छह महीने तक लागू रहेगी. राज्य में अल नीनो के कारण बने सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क बुधवार को सर्वदलीय बैठक करेंगे और राजनीतिक दलों से सुझाव लेंगे.
सरकारी आदेश में कहा गया है, कि "जिला प्रशासन तुरंत राहत के कदम शुरू करे. इनमें डीबीटी के जरिए कृषि लागत सब्सिडी देना, पीने के पानी की आपूर्ति बढ़ाना, चारे का इंतजाम करना, जरूरत के मुताबिक मवेशी शिविर लगाना और वीबी-जी राम जी के तहत रोजगार पैदा करना शामिल है."
बैंकर्स कम्यूनिटी के सामने उठाए जाएंगे किसानों के मुद्दे
जिलाधिकारियों को स्टेट लेवल बैंकर्स कम्यूनिटी के सामने कृषि कर्ज के पुनर्गठन का मामला उठाने के लिए भी कहा गया है. आदेश के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत जहां इजाजत हो, वहां कर्ज की जबरन वसूली ना करने का मुद्दा भी समिति के सामने रखा जाएगा.
तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मानसून पर उभरती और मजबूत होती अल नीनो की स्थिति का खासा असर पड़ा है. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाले कमजोर सिस्टम और लंबे सूखे दौर ने भी हालात को प्रभावित किया है.
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राज्य में जून 1 से सितंबर 30, 2026 के बीच कुल 615.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 740.6 मिलीमीटर है. इस तरह बारिश में -17 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया. सरकारी आदेश के मुताबिक, 33 में से 18 जिलों में खरीफ फसल की कमी दर्ज की गई.
वहीं धान की खेती का क्षेत्र भी 18 प्रतिशत घटकर 69.19 लाख एकड़ से 57.00 लाख एकड़ रह गया. बड़े और मध्यम जलाशयों की कुल क्षमता 585 टीएमसी है, जबकि इनमें मौजूदा जल भंडारण 179.63 टीएमसी है. आदेश में कहा गया कि इससे पीने के पानी, खेती, पशुधन और बिजली के लिए जोखिम बढ़ा है.
अक्टूबर 23 को हुई समीक्षा बैठक में कैबिनेट की उपसमिति ने राज्य के हालात पर बातचीत की थी. इसके बाद 31 जिलों के 365 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की सिफारिश की गई. अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर जिला प्रशासन को राहत, पानी, चारे, रोजगार और कृषि कर्ज से जुड़े कदम तुरंत उठाने को कहा है.