भारतीय बार काउंसिल (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने एक लॉ स्टूडेंट्स से माफी मांगी है. NALSAR यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद के बाद देश भर के कानून के छात्रों से उन्होंने माफी मांग ली है.
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इस पूरे मामले को लेकर छात्र समुदाय के बीच काफी नाराजगी थी. बढ़ते दबाव के बीच मनन कुमार मिश्रा ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने साफ किया कि अगर उनके किसी भी शब्द या पत्र से छात्रों के दिल को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं.
'माफी मांगना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं'
अपने विस्तृत बयान में BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि जब कभी भी छात्र आहत महसूस करते हैं, तो उनकी शिकायतों और चिंताओं को पूरी संवेदनशीलता, धैर्य और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर इस विवाद से जुड़ी किसी भी बात, उनके किसी भी बयान या उनकी ओर से जारी किए गए पत्र से हमारे देश के लॉ स्टूडेंट्स की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो उन्हें यह स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि खेद जताना या माफी मांगना किसी की प्रतिष्ठा या अहंकार का सवाल नहीं होना चाहिए. यह केवल इस बात को स्वीकारना है कि हमारे छात्रों की भावनाएं, उनकी परेशानियां हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं. इस माफी से वे छात्रों के साथ चल रहे इस गतिरोध को खत्म करना चाहते हैं.
मनन कुमार मिश्रा ने अपने बयान में यह भी उम्मीद जताई कि अब इस पूरे मामले को आपसी मेलजोल की भावना के साथ सुलझा लिया जाना चाहिए. उन्होंने बाहरी लोगों और राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को किसी भी तरह का राजनीतिक या बाहरी रंग नहीं लेने देना चाहिए. बाहरी प्रभावों के कारण इस शैक्षणिक विवाद को अनावश्यक रूप से तूल नहीं दिया जाना चाहिए, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
क्या है पूरा मामला और NALSAR विवाद?
दरअसल, हाल के दिनों में NALSAR और कानून के छात्रों से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर बार काउंसिल के बयानों और पत्रों पर छात्रों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. छात्रों का मानना था कि उनके विचारों और अधिकारों को ठीक से नहीं समझा जा रहा है. इसके बाद देश भर के लॉ स्टूडेंट्स ने इस पर असंतोष जताया था.
मामले ने तूल पकड़ा तो कोर्ट और कानूनी हलकों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई. छात्रों के तीखे विरोध और बढ़ते दबाव को देखते हुए आखिरकार BCI प्रमुख मनन कुमार मिश्रा ने आगे आकर स्थिति को संभाला. उन्होंने बयान जारी कर छात्रों से माफी मांगते हुए मामले को शांत करने की पहल की है.