एक ओर जहां योग दिवस को लेकर दुनिया भर में भारत की वाहवाही हो रही है वहीं दूसरी ओर देश के अंदर इसे लेकर तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं. उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्हें राजधानी में योग दिवस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था.
के ऑफिस की ओर से बयान आने के पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने भी उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए थे. हालांकि बाद में उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उपराष्ट्रपति बीमार हैं और इसी वजह से योग दिवस के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे.
वहीं, उपराष्ट्रपति के ऑफिस ने जारी बयान में कहा है कि सही नहीं है. ऑफिस ने कहा कि उपराष्ट्रपति उन कार्यक्रमों में शरीक होते हैं जिनमें शामिल मंत्री प्रोटोकाल के तहत उन्हें आमंत्रित करते हैं.
राज्यसभा चैनल पर भी लगाया आरोप
इससे पहले राम माधव ने राज्यसभा टीवी पर यह आरोप भी लगाया था कि जनता के पैसों से चलने के बावजूद चैनल ने योग दिवस कार्यक्रम को पूरी तरह से 'ब्लैक आउट' किया.
हालांकि इन आरोपों को राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल ने खारिज कर दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'आधारहीन अफवाहें. राज्यसभा टीवी ने न केवल राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया बल्कि आज योग पर तीन वृत्तचित्र और एक विशेष रिपोर्ट भी दिखायी.' उन्होंने बाद में फिर , 'एक बार फिर RSTV के खिलाफ बेबुनियाद अफवाह - कि हमने योग दिवस का ब्लैक आउट किया. सरासर झूठ. आज राजपथ और योग कॉन्फ्रेस से RSTV पर लाइव रहा.'
एक बार फिर RSTV के ख़िलाफ़ बेबुनियाद अफ़वाह - कि हमने योग दिवस का ब्लैक आउट किया। सरासर झूठ। आज राजपथ और योग कान्फ्रेस से RSTV पर लाइव रहा।
— Gurdeep Singh Sappal (@gurdeepsappal)
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर RSTV पर योग पर तीन डाक्यूमेंट्री, आयुष पर स्पेशल रिपोर्ट , 2 सीधे प्रसारण रहे।
— Gurdeep Singh Sappal (@gurdeepsappal)
मामला जब सोशल मीडिया पर गर्माया को माधव ने अपने ट्वीट हटा लिए.