टीवी धारवाहिक में हम सभी ने नारद मुनि को ईश्वर और भक्त के बीच सेतु का काम करते देखा है. नारद मुनि संसार के मनुष्यों का दुख हरने का काम करते थे लेकिन कलयुग में नारद का एक नया रूप देखने को मिला है. आज के नारद मुनि न्याय दिलाते नहीं बल्कि न्याय के लिए गुहार लगाते दिख रहे हैं.
संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ रहा है और हंगामे की बड़ी वजह आंध्र के लिए विशेष राज्य का दर्जा है. इस मांग को लेकर टीडीपी सांसद लगातार दोनों सदनों में हंगामा कर रहे हैं. इसी कड़ी में बुधवार को चित्तुर से टीडीपी सांसद एन शिवाप्रसाद नारद मुनि का वेश रखकर संसद में अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे.
Narayan Narayan !!! TDP MP N Shivprasad came to dressed as Narada ... special status ...
— Supriya Bhardwaj (@Supriya23bh)
गले में वीणा और हाथों में खड़ताल पकड़े शिवाप्रसाद संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने . 'आजतक' से बातचीत में उन्होंने कहा, नारद हमेशा लोक कल्याण के लिए लोगों को चेताया करते थे, भस्मासुर से लेकर हिरण्यकश्यप सबको उन्होंने चेताया था और मैं भी यहां चेतावनी देने आया हूं.'
शिवाप्रसाद ने कहा, 'कलयुग में इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी सबको सलाह दी गई थी लेकिन वह नहीं मानीं. अब इसी तरह हम पीएम नरेंद्र मोदी को भी चेतावनी दे रहे हैं.'

विरोध का निराला तरीका
इससे पहले भी टीडीपी सांसद एन शिवाप्रसाद राजा हरिश्चंद्र, स्कूली छात्र, तेलुगू महिला, मछुआरा की वेशभूषा में विरोध जताने संसद आ चुके हैं. विरोध के अलग-अलग तरीकों से सुर्खियों में आए टीडीपी सांसद शिवा को मीडिया के कैमरे खोजते रहते हैं.
बता दें कि आंध्र प्रदेश के टीडीपी सांसद अपने राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर लगातार संसद के बाहर और भीतर प्रदर्शन कर रहे हैं. टीडीपी ने केंद्र सरकार के खिलाफ लोकसभा में कई बार का नोटिस भी दे चुकी है संसद के बाहर और भीतर पार्टी के सांसद अपना विरोध जता रहे हैं.
क्यों नाराज है टीडीपी
बजट पेश होने के बाद से ही टीडीपी ने केंद्र सरकार के खिलाफ बगावती रुख अपना रखा है. टीडीपी ने केंद्र सरकार पर आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है. पार्टी आंध्र के लिए विशेष राज्य का दर्जा और स्पेशल पैकेज देने की मांग पर अड़ी है. इसी क्रम में पहले कैबिनेट से टीडीपी के दो सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और फिर सरकार से अपना समर्थन भी वापस ले लिया है.