पाकिस्तान उच्चायोग में सोमवार रात को में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह की शिरकत पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस बाबत ट्विटर पर सिंह की आलोचना की है. तिवारी ने लिखा है कि मोदी सरकार के अन्य मंत्री समारोह में शामिल नहीं हुए, जबकि वीके सिंह इसे अपनी ड्यूटी बता रहे हैं. यह पाकिस्तान के साथ मोदी सरकार की दोहरी नीति को दिखाता है, वहीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया है, 'घृणित कत्वर्य, दम बिरयानी'.
If Mr#duty#Disgust is so disgusted with double standards of his govt on Pak he should quit? Other Min in past refused to attend PAK EVENTS!
— Manish Tewari (@ManishTewari)
Disgust. Duty. Dum Biryani.
— Priyanka Chaturvedi (@priyankac19)
GenVK Singh's Duty&disgust= PM's I join the nation in their outrage against Masarat Alam's release, the centre wasn't taken into confidence.
— Priyanka Chaturvedi (@priyankac19)
Duty and disgust. Good cop vs bad cop. What kind of ministers do we have at the helm? If duty disgusts might as well step down no?
— Priyanka Chaturvedi (@priyankac19)
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में कई अलगाववादी नेताओं ने भी शिरकत की थी. वीके सिंह समारोह में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, वहीं खुद सिंह भी अपनी इस शिरकत से नाराज दिख रहे हैं. सिंह ने कार्यक्रम से लौटते ही ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट में कार्यक्रम को लेकर अपनी राय जाहिर की, जिसमें इस ओर उनका 'असंतोष' झलकता है.
A task or action that a person is bound to perform for moral or legal reasons
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
The force that binds one morally or legally to one's obligations
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
A job or service allocated
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
To sicken or fill with loathing
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
To sicken or fill with loathing
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
इस समारोह में उच्चायोग की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को भी न्योता दिया गया था. लेकिन दोनों ही समारोह में नहीं पहुंचे. हालांकि कांग्रेस की ओर से मणिशंकर अय्यर ने पार्टी में शिरकत की.दिलचस्प है कि आखिरी ट्वीट में सिंह ने कहा, ‘एक काम या कार्य जो एक व्यक्ति नैतिक या कानूनी कारणों से करने को बाध्य है.'
To offend the moral sense, principles, or taste of
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh)
उमर ने किया वीके सिंह का बचावHow ridiculous to expect that Gen VK SIngh would not attend the Pak National Day event. It's his job as MOS EA to attend diplomatic events.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
अलगाववादियों को भी दावत
बातचीत में हुर्रियत का क्या काम?
पाक नेशनल डे पर अलगाववादी नेताओं के शामिल होने के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी साफ कर दिया है कि भारत-पाक बातचीत में हुर्रियत या किसी तीसरे पक्ष की कोई जरुरत नहीं है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि विवादित मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता शामिल समझौते और लाहौर घोषणा पत्र के दायरे में द्विपक्षीय बातचीत है.
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि पाक उच्चायुक्त के साथ हुर्रियत नेताओं की मुलाकात की वजह से बातचीत तोड़ना मूर्खतापूर्ण कदम था. अय्यर ने कहा कि अटलजी के जमाने से हुर्रियत से बातचीत शुरू हुई थी.