प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना रवाना हो गए हैं. इस यात्रा के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ मुलाकात होगी.
राजधानी ब्यूनस आयर्स में 30 नवंबर और एक दिसंबर को आयोजित होने वाले होने वाले 13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. जी-20 शिखर सम्मेलन के अलावा वह ब्रिक्स देशों के नेताओं से मुलाकात भी करेंगे. मोदी 2 दिसंबर को स्वदेश लौटेंगे.
PM leaves for Argentina, where he will participate in the G-20 Summit and interact with various world leaders.
— PMO India (@PMOIndia)
प्रधानमंत्री मोदी ने अर्जेंटीना रवाना होने से पहले ट्वीट किया, 'जी-20 ने तेजी से बढ़ रही वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किया है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास और समृद्धता के लिए भारत के प्रयास, पारदर्शी और स्थायी विकास के लिए भारत के प्रयासों को दर्शाते हैं. यही इस सम्मेलन का थीम भी है.
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. यह त्रिपक्षीय बैठक ट्रंप और अबे की बीच द्विपक्षीय बैठक का विस्तार है.G-20 has made commendable efforts to promote cooperation among leading global economies. India's contribution to global economic growth and prosperity underlines our commitment to “Building Consensus for Fair and Sustainable Development”, which is the theme of the Summit.
— Narendra Modi (@narendramodi)
इस सालाना बैठक में विश्व की 20 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के नेता भाग लेंगे, लेकिन सब की निगाहें ट्रंप की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तथा रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली मुलाकातों पर लगी रहेंगी.
वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इस हफ्ते होने वाले जी-20 समूह के सम्मेलन से पहले इसके सदस्य देशों को जलवायु परिवर्तन और असमानता से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए साहसिक कदम उठाने का संदेश दिया है.
सम्मेलन में हिस्सा लेने जाने से पहले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दुनिया को बेहतर बनाने के लिए सभी देशों का मिलकर काम करना अनिवार्य है. गुतारेस ने चेताया कि जलवायु में विघ्न के चलते हम उथल-पुथल वाली और अस्थिर दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने आगाह किया कि जो वैश्वीकरण में पीछे छूट गए हैं वो सरकारों और संस्थाओं में भरोसा खो रहे हैं. असमानता और व्यापक होकर बढ़ रही है, व्यापार विवाद बढ़ रहे हैं और भूराजनैतिक तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और दबाव डाल रहे हैं.