बिहार के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का जवाब ट्विटर पर दिया. नीतीश ने लगातार एक के बाद एक आठ ट्वीट किए और मोदी को राजधर्म की याद दिलाई.फिर नीतीश मीडिया के सामने भी आए और पीएम मोदी के हर आरोप पर पलटवार किया. अपने ट्वीट में नीतीश ने गया रैली में पीएम मोदी के सवालों पर पलटवार किया. नीतीश कुमार ने पीएम मोदी द्वारा जेडीयू और आरजेडी के नाम का मतलब समझाने के लिए जुमले का इस्तेमाल करने के जवाब में बीजेपी का मतलब भी समझाया. नीतीश कुमार ने कहा 'बड़का झूट्ठा पार्टी' है बीजेपी का असली नाम.
. जनता के दमन और उत्पीड़न के सन्दर्भ में वाजपेयी जी द्वारा 2002 में आपको राजधर्म निभाने की नसीहत से पूरा देश वाकिफ है
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
नीतीश ने कहा- पहले डीएनए, अब बिहार को बीमारू और बिहारवासियों को दुर्भाग्यशाली बताकर मोदी बिहार वासियों के प्रति अपना पूर्वाग्रह साबित कर रहे हैं. नीतीश ने मोदी के कालाधन वापस लाने के वादे पर भी निशाना साधा. उन्होंने लिखा- ब्याज तो छोड़िए, मूलधन का भी पता नहीं.
दो बरस से बिहार की जनता के प्यार और समर्थन को ब्याज के साथ लौटने की बात कर रहे हैं. (1/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
पिछले डेढ़ साल से प्रधानमन्त्री हैं, ब्याज तो छोड़िये, मूल धन का भी पता नहीं. (2/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
इससे 15 मिनट पहले उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों के बीच विरोधाभास बताने की कोशिश की. उन्होंने ट्वीट किया- ये बताएं कि कौन सही है. बड़े मोदी या छोटे मोदी? मोदी जी ने कहा कि पिछले 25 बरस में कुछ नहीं किया. यहाँ रोजाना BJP के नेता पिछले दस सालों के विकास का श्रेय लेने की कोशिश में हैं. (1/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
अब ये बताएं कि कौन सही है. बड़े मोदी या छोटे मोदी? (2/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
नीतीश ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर भी मोदी को घेरने की कोशिश की. उन्होंने ट्वीट किया- आपने कहा, जेल से व्यक्ति बुराइयाँ लेकर आता है. कृपया बताएं कि जेल से निकले आपकी पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह जी कौन सी बुराइयाँ लेकर आयें है?
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
इससे पहले नीतीश ने ट्वीट कर केंद्र सरकार को यूनियन ट्विटर गवर्नमेंट बताया था. लिखा था कि यह सरकार ट्विटर पर ही सुनती है और ट्विटर पर ही जवाब देती है.
Finally we have a government that could be truly called a "Union Twitter Government" that listens, acts, and responds only on twitter
— Nitish Kumar (@NitishKumar)