निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को रक्षा मंत्री का पद संभाला. वे देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री हैं. कैबिनेट फेरबदल में प्रधानमंत्री मोदी ने निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय का जिम्मा सौंपा है.
मनोहर पर्रिकर के गोवा का सीएम बनने के बाद से वित्त मंत्री अरुण जेटली ही रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे. नई रक्षा मंत्री के सामने देश की कई सुरक्षा और तैयारियों से जुड़ी चुनौतियां हैं.
Armed Forces' family a priority.It's in their welfare that we ensure soldiers remain assured their interests being taken care of:Defence Min
— ANI (@ANI)
पदभार संभालने के बाद क्या कहा निर्मला सीतारमण ने?
गुरुवार को रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत रक्षा सामग्री का एक बड़ा खरीदार है. हालांकि, अब कई उत्पाद भारत में भी बनाए जा रहे हैं. भारत में जो रक्षा उत्पादक काम कर रहे हैं उनके लिए दुनिया में बाजार पर भी नजर होगी. इसके साथ ही सुरक्षाबलों का कल्याण, तैयारियां और उनके परिवार का कल्याण भी हमारी प्राथमिकता होगी.
अरुण जेटली के जापान में होने के कारण निर्मला सीतारमण अभी तक रक्षा मंत्री के तौर पर कार्यभार भी नहीं संभाल पाई थीं. क्योंकि अरुण जेटली की रक्षा मंत्री के तौर पर जापान विजिट पहले से ही तय थी, जिसको टाला नहीं जा सकता था. जापान के साथ होने वाली एक प्रमुख सुरक्षा बातचीत में बतौर रक्षा मंत्री के तौर पर जेटली को ही शामिल होना था. जेटली ने भी खुद कहा था कि कुछ व्यवस्थागत दिक्कतों की वजह से उन्हें ही सुरक्षा बातचीत में शामिल होना पड़ेगा.