ममता और उनके बीच चल रही अनबन के कारण ही कुछ समय पहले में अतिरिक्त महासचिव भी नियुक्त कर दिया था. शारदा चिटफंड घोटाले में रॉय का नाम आने और सीबीआई पूछताछ के बाद ममता-मुकुल के बीच लगातार दूरियां बढ रही थीं.
गौरतलब है मुकुल रॉय राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद बहस के दौरान जेटली के बयान से प्रभावित होकर उन्हें बधाई देने गए थे. ममता बनर्जी के जरिए रेल बजट की आलोचना के बाद जिस तरह से अलग होकर रेल बजट को सराहा था उसके बाद से टीएमसी काफी नाराज हो गई थी. मालूम हो कि ममता बनर्जी ने यूपीए सरकार में दिनेश त्रिवेदी को हटा कर मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया था.
मुकुल रॉय को हटाए जाए जाने के बाद उनके खेमे के नेताओं पर भी अब खतरा मंडराने लगा है. और इसकी शुरुआत रॉय के करीबी माने जाने वाले शिलाभद्र दत्त को पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी पद से हटाने की खबर के साथ ही हो गई है.