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भारत-रुस का संयुक्‍त उपक्रम होगा चंद्रयान-2

चंद्रमा के लिए पहले मानवरहित अभियान चंद्रयान के सफल प्रक्षेपण के बाद भारत की योजना अगले साल के अंत तक या 2010 के शुरू में दूसरे चंद्र अभियान के लिए चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की है. भारत की इस ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पर विशेष प्रस्तुति.

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चंद्रमा के लिए भारत के पहले मानवरहित अभियान चंद्रयान के सफल प्रक्षेपण के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की योजना अगले साल के अंत तक या 2010 के शुरू में दूसरे चंद्र अभियान के लिए चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की है. चंद्रयान-2 भारत रूस का संयुक्त उपक्रम होगा.

इसरो अध्यक्ष जी माधवन नायर ने पीएसएलवी सी 11 से चंद्रयान 1 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण के बाद संवाददाताओं से कहा कि जब चंद्रयान 1 चंद्रमा पर अनुसंधान का काम शुरू कर देगा तब चंद्रयान-2 परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा.

चंद्रयान-2 परियोजना के लिए इसरो और रूसी संघीय अंतरिक्ष एजेंसी पहले ही एक करार कर चुके हैं. इस परियोजना के तहत चंद्रमा की नर्म सतह के लिए एक लैंडर और एक रोवर भेजा जाएगा.

नायर ने कहा चंद्रयान-2 परियोजना में भी अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के पेलोड ले जाने का प्रावधान होगा जैसा कि चंद्रयान-1 परियोजना के मामले में है.

चंद्रयान-1 अपने साथ कुल 11 पेलोड ले गया है. इनमें भारत के पांच पेलोड के अलावा यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी बुल्गारिया और अमेरिका के वैज्ञानिक उपकरण शामिल हैं.

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