कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खाड़ी देश बहरीन के एकदिवसीय दौरे पर हैं. अध्यक्ष पद संभालने के बाद राहुल का यह पहला विदेशी दौरा है. इसी बहाने भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता जेवीएल नरसिम्हा राव ने राहुल पर हमला किया है. सोमवार सुबह राव ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल कर रहे हैं. पहले उन्होंने कॉलेज जाना शुरू किया, उसके बाद मंदिर और अब एनआरआई से वार्तालाप कर रहे हैं.
Rahul Gandhi's Copy Cat acts of ji continue. In politics, what people look for are 3 C's: Credibility, Conviction & Competence. None of these can come from aping someone else. Isn't this an admission by that the real persona of is unappealing?
— GVL Narasimha Rao (@GVLNRAO)
राव यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा कि प्रशंसा का सबसे अच्छा रूप है, लेकिन यह सफलता नहीं देता है. लोग अक्सर नकल का आनंद लेते हैं लेकिन वास्तविक चीज़ के लिए सीटी बजाते है, वोट देते हैं. बेचारा राहुल गांधी! राव बोले कि राजनीति में लोग तीन 'सी' की तलाश में रहते हैं. क्रेडिबिलिटी, कॉनविक्शन और कॉम्पिटेन्स. इन तीन में से कोई भी राहुल के पास नहीं है.
राहुल PM जी की नकल कर रहे हैं। मोदी जी की तरह, राहुल महाविद्यालय,मंदिरों और अब NRI के पास गए। "नकल" प्रशंसा का सबसे अच्छा रूप है,लेकिन यह सफलता नहीं देता है। लोग अक्सर नकल का आनंद लेते हैं लेकिन वास्तविक चीज़ के लिए सीटी बजाते है,वोट देते हैं। बेचारा 😛
— GVL Narasimha Rao (@GVLNRAO)
Rahul has been aping PM ji. Like Modi Ji, Rahul went to colleges, temples & now NRIs. While imitation is the best form of flattery, it doesn't lead to success. "People often applaud an imitation & hiss (whistle) the real thing",says ancient Greek fabulist Aesop.😛
— GVL Narasimha Rao (@GVLNRAO)
आपको बता दें कि इससे पहले भी गुजरात चुनाव के दौरान जीवीएल नरसिम्हा राव ने ट्वीट कर राहुल पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था. जीवीएल ने ट्वीट किया था कि, ''अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसिस, जिलानिस से हाथ मिला लिया है. राहुल गांधी निश्चित रूप से एक "बाबर भक्त" और "खिलजी के रिश्तेदार" हैं. बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया. नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष में.''
आपको बता दें कि राहुल आज सोमवार को यहां मनामा में 50 देशों से भारतीय मूल के बिजनेस लीडरों से मुलाकात और भारत की अर्थव्यवस्था व आर्थिक मंदी पर चर्चा करेंगे. राहुल का देशों में रह रहे NRI से मुलाकात ही नहीं है, बल्कि इसके सियासी मायने भी हैं. राहुल ने जिस प्रकार अपनी अमेरिका दौरे के जरिए गुजरात की सियासी बिसात बिछाई थी. राहुल ने उसी तर्ज पर बहरीन पहुंचे हैं, जिसे कर्नाटक कनेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है.