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गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का तबादला पूरी तरह राजनीतिक है: कांग्रेस

गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का मिजोरम तबादला किए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि यह ‘राजनीतिक तबादला’ है और बीजेपी द्वारा ‘लोकतंत्र को नुकसान करने की एक कार्रवाई है.’

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नरेंद्र मोदी और कमला बेनीवाल (फाइल फोटो)
नरेंद्र मोदी और कमला बेनीवाल (फाइल फोटो)

गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का मिजोरम तबादला किए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि यह ‘राजनीतिक तबादला’ है और बीजेपी द्वारा ‘लोकतंत्र को नुकसान करने की एक कार्रवाई है.’

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) अध्यक्ष अर्जुन मोडवाडिया ने कहा ‘यह एक राजनीतिक तबादला है. इससे पहले उन्हें त्यागपत्र देने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया था. एक राज्यपाल को सरकार की दया पर निर्भर नहीं करना चाहिए या सरकार बदलने पर उनका तबादला नहीं किया जा सकता है.’ 87 वर्षीय कमला बेनीवाल ने 27 नवंबर 2009 को गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था.

इससे पहले रविवार को गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का तबादला करके उन्‍हें मिजोरम का राज्‍यपाल बनाया गया. जब तक कि गुजरात के राज्यपाल के पद पर नियमित व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक राजस्थान की राज्यपाल मारग्रेट अल्वा को गुजरात के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है.

राष्‍ट्रपति भवन की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई. 87 साल की बेनीवाल का कार्यकाल इस साल नवम्बर में समाप्त होने वाला है. बयान के मुताबिक मिजोरम के राज्‍यपाल वी. पुरुषोत्‍तम को नगालैंड का राज्‍यपाल बनाया गया है. पुरुषोत्‍तम इसके अलावा त्रिपुरा के गवर्नर की अतिरिक्‍त जिम्‍मेदारी भी संभालेंगे.

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केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कई राज्‍यों में गवर्नर बदलने का सिलसिला जारी है. बेनीवाल के नरेंद्र मोदी से उस समय बहुत मधुर संबंध नहीं थे जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे. गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति और कुछ विधेयकों को लेकर मोदी सरकार से उनके काफी समय तक खींचतान चलती रही.

इससे पहले यूपी के गवर्नर बीएल जोशी, नगालैंड के राज्‍यपाल अश्विनी कुमार, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल एम.के. नारायणन ने इस्‍तीफा दे दिया था. बिहार के राज्यपाल डी.वाई. पाटिल को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

पहले ऐसी अटकलें थी कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र से पहले कुछ नए राज्यपालों की नियुक्ति होगी. गोवा के राज्‍यपाल बी.वी. वांचू ने बीते शुक्रवार को इस्‍तीफा दे दिया. अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले में सीबीआई ने वांचू और नारायणन से उनके इस्तीफे के ठीक पहले पूछताछ की थी.

दो राज्यपाल एच.आर. भारद्वाज (कर्नाटक) और देवानंद कुंवर पिछले महीने रिटायर हो गए. हालांकि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा नियुक्त कई राज्यपाल अब भी अपने पद पर कायम हैं. उनमें के. शंकरनारायणन (महाराष्ट्र), शीला दीक्षित (केरल), जगन्नाथ पहाडिया (हरियाणा) और शिवराज पाटिल (पंजाब) भी शामिल हैं.

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