यहां जीन्स, कई जेबों वाली पैंट, स्लीवलेस कपड़े पहनना सख्त मना है. यह किसी खाप पंचायत का नहीं बल्कि अपनी खुली संस्कृति के लिए विख्यात गोवा की सरकार का फैसला है. गोवा सरकार के कला और संस्कृति विभाग ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी.
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में अपने जवाब में कला और संस्कृति मंत्री दयानंद मांदरेकर ने कहा कि यह निर्देश विभाग के निदेशक द्वारा जारी किया गया है ताकि कार्यालय परिसर में शिष्टाचार बरकरार रहे. कला एवं संस्कृति निदेशक प्रसाद लोलायकर ने कहा, 'कर्मचारियों को सिर्फ औपचारिक परिधान (फॉर्मल ड्रेस) पहनने के निर्देश दिए गए हैं. उन्हें ऑफिस में काम के दौरान और निदेशालय के आधिकारिक कार्यक्रमों में जींस, कॉरडरॉय, टी-शर्ट, कई जेब वाली पैंट और स्लीवलेस है.'
इस निर्देश में ड्रेस कोड के उल्लंघन पर निगरानी रखने के लिए विभाग के उप निदेशकों को नामित किया गया है. कुछ हफ्ते पहले ही बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के कई मंत्रियों ने गोवा में भड़काऊ कपड़े पहनने पर पाबंदी की मांग की थी. उनका कहना था कि ऐसे कपड़े पहनना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है.