देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए हुई वोटिंग के दौरान कई जगहों से ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं. चुनाव आयोग की ओर से कुछ पोलिंग सेंटर्स पर वीवीपेट मशीनों तक को बदलड़ा पड़ा. साथ ही उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि रिपोर्ट में गंभीर शिकायतें आने पर पुनर्मतदान भी कराया जा सकता है.
खास बात यह रही कि पहली बार ईवीएम में गड़बड़ी के लिए आयोग की ओर से गर्मी और धूम को भी वजह बताया गया है. आयोग के मुताबिक ईवीएम के संचालन में लापरवाही, अत्यधिक गर्मी, धूप में वीवीपेट मशीनों का रखा जाना भी मशीनों की गड़बड़ी का संभावित कारण हो सकते हैं. इस पर विपक्षी नेताओं ने गर्मी के मुद्दे को लेकर आयोग पर निशाना साधा.
इसी बहाने विपक्ष को चुनाव आयोग को घेरने और बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने का मौका मिल गया. यूपी की कैराना और नूरपुर सीटों पर हुए मतदान में भी वीवीपेट में आईं तो सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज करते हुए ट्वीट कर दिया. उन्होंने लिखा, 'आज कहा जा रहा है कि गर्मी के कारण EVM मशीन काम नहीं कर रही है, कल कहेंगे बारिश और ठंड की वजह से ऐसा हो रहा है.'
आज कहा जा रहा है कि गर्मी के कारण EVM मशीन काम नहीं कर रही है, कल कहेंगे बारिश और ठंड की वजह से ऐसा हो रहा है. कुछ लोग जनता को लाइन में खड़ा रखकर अपनी सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं. हम पेपर बैलेट वोटिंग की माँग को एक बार फिर दोहराते हैं.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी इस गर्मी को मुद्दा बनाकर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि आई है.' सत्ताधारी दल बीजेपी पर निशाना साधते हुए सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘यह लगता है कि गर्मी ने उन इलाकों में ईवीएम को नहीं छुआ जहां बीजेपी खुद की स्थिति को लेकर आश्वस्त थी.’
EVM's in Kairana (UP) and in Bhandara-Gondia ,Palghar (Maharashtra) Lok Sabha polls hit by heat wave says Election Commission . Opposition protests .
It seems the heat wave is also getting selective . The heat wave seems to have bypassed EVM's where BJP is confident !
— Kapil Sibal (@KapilSibal)
आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों की तह में जाकर गड़बड़ियों के मूल कारण का विश्लेषण कर भविष्य में स्थिति को बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया है. आयोग ने आश्वस्त किया है कि वीवीपेट से जुड़ी शिकायतों की पुष्टि करने के बाद जिला निर्वाचन कर्मियों ने इन्हें दुरुस्त करने के लिये माकूल कार्रवाई की है.