scorecardresearch
 

भूमि अधिग्रहण कानून में बड़े बदलाव के लिए अध्यादेश को मंजूरी

केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में बड़े बदलाव करने के लिए एक अध्यादेश जारी करने की सिफारिश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने अधिनियम के दायरे में 13 केंद्रीय कानूनों को लाने के लिए संशोधन का फैसला किया है. जिन कानूनों में बदलाव की बात की गई, उनमें रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों को अधिक मुआवजा देना और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कानून शामिल हैं.

Advertisement
X
वित्त मंत्री अरुण जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली

केंद्र सरकार ने में बड़े बदलाव करने के लिए एक अध्यादेश जारी करने की सिफारिश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने अधिनियम के दायरे में 13 केंद्रीय कानूनों को लाने के लिए संशोधन का फैसला किया है. जिन कानूनों में बदलाव की बात की गई, उनमें रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों को अधिक मुआवजा देना और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कानून शामिल हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने समाज की विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिनियम के कुछ प्रावधानों में रियायत देने और कानून में धारा 10ए को शामिल करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि अगर भूमि का अधिग्रहण पांच उद्देश्यों सुरक्षा, रक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, औद्योगिक कोरिडोर और सामाजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए होता है तो वहां अनिवार्य ‘सहमति’ की उपधारा और सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) लागू नहीं होगा.

बहरहाल, इन उद्देश्यों के लिए भूमि अधिग्रहण करने की स्थिति में नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पैकेज लागू होगा. अध्यादेश में जो बदलाव शामिल किए जाने हैं, उनके मुताबिक बहुफसली सिंचाई की भूमि भी इन उद्देश्यों के लिए अधिग्रहित की जा सकती है.

जेटली ने अधिनियम में बदलाव लाने के सरकार के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा, ‘इस तरह की परियोजनाएं रक्षा के लिए तैयारी एवं रक्षा निर्माण सहित भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.’ सहमति संबंधी उपधारा के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा, ‘अगर भूमि अधिग्रहण पांच उद्देश्यों के लिए किया जाता है तो सहमति की उपधारा से छूट मिल जाएगी.’

Advertisement

यूपीए के कार्यकाल में अमल में आए कानून के मुताबिक पीपीपी परियोजनाओं के लिए जिन लोगों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है, उनमें 70 फीसदी लोगों की सहमति जरूरी है. इस फैसले के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन व उचित मुआवजे का अधिकार और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 में पारदर्शिता 13 मौजूदा केंद्रीय कानूनों के लिए भी लागू होगी.

सरकार ने कहा कि जिन मुश्किलों की बात आ रही थी, उनको देखते हुए कैबिनेट ने कुछ संशोधनों को मंजूरी दी है.

- इनपुट भाषा से

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement