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अग्निवेश ने टीम अन्‍ना के खातों में पारदर्शिता की मांग की

जनता द्वारा टीम अन्‍ना को दान में दिए गए धन के उपयोग पर सवाल उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने दावा किया कि इस धन को अरविंद केजरीवाल के ट्रस्ट में जमा किया गया जबकि अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम इससे नदारद हैं.

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स्वामी अग्निवेश
स्वामी अग्निवेश

जनता द्वारा टीम अन्‍ना को दान में दिए गए धन के उपयोग पर सवाल उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने दावा किया कि इस धन को अरविंद केजरीवाल के ट्रस्ट में जमा किया गया जबकि अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम इससे नदारद हैं.

अग्निवेश ने इससे पहले आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने जनता द्वारा अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान दान दिये गये 80 लाख रूपये से अधिक की धनराशि को अपने ट्रस्ट में जमा करके कोष का दुरूपयोग किया.

उन्होंने कहा कि केजरीवाल द्वारा चलाए जाने वाले ‘पब्लिक काज रिसर्च फाउंडेशन’ ट्रस्ट में अन्ना हजारे का नाम शामिल नहीं है. अग्निवेश ने आरोप लगाया कि जहां तक कि साफ छवि वाले न्यायमूर्ति संतोष हेगडे का नाम भी इस ट्रस्ट में शामिल नहीं है. इसलिए टीम के प्रमुख सदस्य इस ट्रस्ट और पुराने ट्रस्ट में शामिल नहीं थे जिसमें केजरीवाल और उनके सहयोगी शामिल थे. यह पैसा उनके नाम से जमा हुआ. उन्होंने कहा कि हजारे नया ट्रस्ट बनाने के इच्छुक हैं और इसमें नये सदस्यों को शामिल करना चाहते हैं.

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इस सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि हजारे ने खुद केजरीवाल से कोर कमेटी बैठक में कहा था कि वह वेबसाइट पर दान में मिले धन की विस्तृत जानकारी डालें. हजारे ने घोषणा की थी कि उन्होंने अपने सहयोगियों से धन का संक्षिप्त आडिट करने और ब्यौरा वेबसाइट पर डालने के लिए कहा है. अग्निवेश ने कहा कि हजारे 15 अक्तूबर तक धन जमा करने और गणना पूरी करके इसे वेबसाइट पर डालना चाहते थे.

उन्होंने साफ किया कि उनका विरोध केवल पारदर्शिता तक सीमित है. सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि मैनं यह इसलिए कहा है क्योंकि अगर वे जल्द से जल्द ऐसा करेंगे, तो कोई शक या सवाल खड़ा नहीं होगा. अगर वह देरी करेंगे, तो लोग सवाल करेंगे कि ब्यौरा क्यों नहीं दिया गया. अग्निवेश ने कहा कि मैं केजरीवाल पर यह आरोप नहीं लगा रहा हूं कि वह जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं और वह पारदर्शिता नहीं चाहते हैं. मैं यह भी नहीं कह रहा हूं कि खातों में कोई धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार हुआ है.

उन्होंने कहा कि ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन पारदर्शिता को लेकर ही है. जब हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं तो फिर पारदर्शिता इसका प्रमुख और महत्वपूर्ण भाग है और जवाबदेही इसका दूसरा भाग है. उन्होंने कहा कि इस बीच इंडियन विजन फाउंडेशन और किरण बेदी के विमान किराए विवाद को लेकर सवाल खड़े हुए और इसी वजह से पुराने ट्रस्टों के खातों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है.

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हजारे के अगस्त में हुए आंदोलन के दौरान एक विवादित वीडियो क्लिप सामने आने के बाद से अग्निवेश हजारे पक्ष से अलग हैं. इस वीडियो में उन्हें कथित रूप से एक व्यक्ति से हजारे पक्ष से मजबूती से निबटने के लिए कहते हुए दिखाया गया है. हजारे पक्ष को इस व्यक्ति के केन्द्रीय मंत्री होने की आशंका है. पूछे जाने पर कि वह 80 लाख रूपये के आंकडे तक कैसे पहुंचे तो अग्निवेश ने कहा था कि रामलीला मैदान में एक आयोजक ने घोषणा की थी कि उन्हें दान में 50 लाख रूपये मिल चुके हैं और उन्होंने अब दान नहीं देने के लिए कहा था. अग्निवेश ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी दान की राशि मिली थी.

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