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लाल किला हमले में आरिफ की फांसी बरकरार

लाल किला पर लश्कर के आतंकवादी हमले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी मुहम्मद आरिफ ऊर्फ अशफाक के सजा-ए-मौत को बरकरार रखा है.

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

लाल किला पर लश्कर के आतंकवादी हमले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी मुहम्मद आरिफ ऊर्फ अशफाक के सजा-ए-मौत को बरकरार रखा है.

लाल किले पर आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा ने 22 दिसंबर 2000 को आतंकवादी हमला हुआ था.

उस हमले में दो सैनिकों समेत तीन लोग मारे गये थे. आर्मी की जवाबी कार्रवाई में लालकिला में घुसपैठ करने वाले दोनो आतंकवादी भी मारे गये थे.

इस मामले में 13 सितंबर 2007 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पाकिस्तान के रहने वाले और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मुहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक की मौत की सजा बरकरार रखी थी.

हालांकि इस मामले में मुहम्मद अशफाक की पत्नी रहमाना युसूफ फारुकी समेत 6 दोषियों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था.

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