कहतें हैं मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. कुछ ऐसी ही कहानी है अमृतसर के मेहता के गांव चुग में रहने वाले 17 साल के हरगोपाल की. हरगोपाल की लंबाई 2 फीट है. बताया जा रहा है कि उसे ऐसी बीमारी है जो करोड़ों लोगों में से एक को होती है. उसकी हड्डियां बहुत कमजोर हैं. मगर, उसने अपने हौसले से अनूठी पहचान बना रखी है.
हरगोपाल को लेकर माता-पिता परेशान न हों, इसके लिए वो परिवार के सभी लोगों को हंसाता रहता है. अपने दादा-दादी को जहाज में सैर करवाना चाहता है. हालांकि, उसका कहना है कि दादी को ऊंचाई से डर लगता है. हरगोपाल सिद्धू मूसेवाला की तरह बनना चाहता है.
'वो बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है'
उसने बताया, मुझे सिंगिंग और शायरी लिखने का शौक है. मैं पंजाबी और हिंदी में गाने गाऊंगा. उसने सिद्धू मूसेवाला का एक गाना भी गाया. हरगोपाल के परिजनों का कहना है कि वो किसी का होसला नहीं टूटने देता है. वो बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है. उसकी जिंदादिली से परिवार के लोग काफी खुश रहते हैं.
'उंगलियां कमजोर हैं, इसलिए लिख नहीं पाता'
बेटे को सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी हर संभव कोशिश करेंगे. परिवार के सदस्यों ने बताया कि उसकी उंगलियां बहुत कमजोर हैं. इसलिए वो लिख नहीं पाता है. उसका इलाज चल रहा है. उसे जड़ी-बूटी भी दी जा रही हैं. हड्डियां बहुत कमजोर हैं.
इस वजह से उसका बहुत ख्याल रखना पड़ता है. उम्मीद है इलाज से वो जल्द से जल्द ठीक होगा. वहीं हरगोपाल ने कहा, मैं पंजाबी और हिंदी में गाने गाऊंगा. उसने सिद्धू मूसेवाला का एक गाना भी गाया.