तमिलनाडु की सियासत करीब साठ साल के बाद डीएमके और AIADMK के हाथों से निकलकर किसी तीसरे के पास गई है. तमिलनाडु में इस बार सिर्फ 'सत्ता परिवर्तन' ही नहीं बल्कि अभिनेता से नेता बने थलापति विजय के सियासी 'उदय' ने द्रविड़ पॉलिटिक्स को बदल दिया है. विजय को टीवीके विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिसके चलते साफ है कि सत्ता के कुर्सी पर वो विराजमान होंगे.
2026 के विधानसभा चुनाव में तमिल की 234 सीटों से विजय की पार्टी टीवीके को 108 सीटें मिली हैं. डीएमके गठबंधन को 73 सीट तो AIADMK गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं. दो साल पहले बनी विजय की पार्टी टीवीके भले ही सबसे ज्यादा सीटें जीत ली हो, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें दूर है.
तमिलनाडु की सियासत में थलापित विजय भले ही किंग बनने के रोल में आ गए हों, लेकिन सवाल यह है कि किंगमेकर कौन होगा. अब विजय किस पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे, क्योंकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है. ऐसे में सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि थलापित किसी बैसाखी का सहारा लेकर सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होंगे?
कौन बनेगा तमिलनाडु का किंगमेकर
तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते टीवीके को राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है. टीवीके 108 सीटों से साफ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए 10 विधायकों की अतरिक्त जरूरत है. आजतक सूत्रों के मुताबिक टीवीके सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने की कवायद में जुट गई है.
कांग्रेस सहित दूसरे छोटे दलों के साथ गठबंधन पर मंथन कर रही है. टीवीके ने कांग्रेस, वामपंथी और छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रहे है. विजय विपक्षी गठबंधन के साथ गठबंधन करने की योजना बना रहे हैं और कांग्रेस के साथ-साथ विदुथलाई चिरुथाइगल काची, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय मुस्लिम संघ लीग के साथ मिलकर सरकार बनाने का दांव चल सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, इन पार्टियों को जल्द ही निमंत्रण भेजा जाएगा।
कांग्रेस और लेफ्ट के साथ नंबर गेम?
तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए जिन पार्टियों के समर्थन का संकेत मिल रहा है, वे भी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) के साथ जुड़ी हुई हैं, इनमें कांग्रेस शामिल है, जिसने पांच सीटें जीती हैं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPIM), और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) भी शामिल हैं, जिन्हें दो-दो सीटें मिली हैं.
टीवीके के सरकार बनाने के लिए संभावित रास्ता पट्टाली मक्कल काची (PMK) का समर्थन है, जिसके पास 5 सीटें हैं. हालांकि, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ सीधे तौर पर जुड़ने की संभावना कम लगती है, क्योंकि उसका गठबंधन बीजेपी के साथ है, जिसे विजय ने अपना वैचारिक विरोधी बताया है.
ऐसे में कांग्रेस और उसके सहयोगी टीवीके के साथ हाथ मिलाने का फैसला करते हैं, तो विजय के नेतृत्व वाली पार्टी सरकार गठन के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी. ऐसे में आसानी से विजय बहुमत का नंबर जुटा लगें.
विजय से हाथ मिलाने पर कांग्रेस में मंथन
टीवीके के साथ हाथ मिलाने पर कांग्रेस फैसला लेगी. तमिलनाडु कांग्रेस और कांग्रेस के बीच संभावित रूप से सरकार बनने की अटकलों के बीच कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि पार्टी तमिलनाडु के हितों को सर्वपरि रखते हुए सोच-समझकर और सामूहिक निर्णय लेगी. उन्होंने कहा कि बहुत कुछ विश्लेषण करने की आवश्यकता है, लेकिन तमिलनाडु की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है, और हमें इसे पूरी तरह से स्वीकार करना चाहिए.
शशिकांत ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अपनी वैचारिक स्थिरता बनाए रखी है, और भविष्य में लिया जाने वाला कोई भी निर्णय धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के अनुरूप होगा. टीवीके के समर्थन को लेकर कांग्रेस के भीतर के मतभेदों पर सेंथिल ने स्वीकार किया कि अलग-अलग राय पार्टी की संस्कृति का हिस्सा हैं.
उन्होंने कहा कि हमें अपने विचार व्यक्त करने की पूरी छूट है, पर हम अवसरवादी नहीं हैं. हम अपनी विचारधारा और जनता से किए गए वादों पर कायम हैं. कांग्रेस हाईकमान निर्णय लेंगे कि विजय के साथ जाना है कि नहीं. माना जा रहा है कि कांग्रेस को भी सरकार में शामिल होने का मौका मिल सकता है.
2006 की तरह अल्पमत में बनेगी सरकार?
तमिलनाडु में सभी की नजरें राजभवन पर टिकी हैं. क्या राज्यपाल तमिलनाडु में थलापति विजय को अल्पमत सरकार बनाने का न्योता देंगे? क्योंकि एक वरिष्ठ नेता ने इसकी तुलना 2006 के हालात से की है, तब DMK की अल्पमत वाली सरकार बाहरी समर्थन से चल पाई थी.
टीवीके के सबसे कम उम्र के चुनाव जीतने वाले नेता रेवंत चरण ने सरकार बनाने को लेकर कहा कि अस्थिरता का कोई डर नहीं है. हम सरकार बनाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन या दूसरी पार्टियों से समर्थन के बारे में कोई भी फैसला पार्टी का आलाकमान ही लेगा. उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने और अहम तारीखों के बारे में जल्द ही स्थिति साफ कर दी जाएगी.
अब देखना है कि टीवीके सरकार बनाने में सफल होती है, तो यह एक उल्लेखनीय राजनीतिक उपलब्धि होगी, क्योंकि तमिलनाडु में यह पहली बार होगा कि कोई पार्टी फरवरी 2024 में गठन के दो साल से कुछ अधिक समय बाद सत्ता में आएगी.