आजादी के बाद अब तक के सबसे भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका हिंसा की आग में झुलस रहा है. द्वीपीय देश श्रीलंका में जनता सड़कों पर है. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया तो वहीं प्रधानमंत्री के निजी आवास को भी आग के हवाले कर दिया. राष्ट्रपति को अपना आवास छोड़कर अज्ञात स्थान पर भागना पड़ा.
पड़ोसी मुल्क में अस्थिरता का माहौल है तो वहीं भारत में भी इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है. केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है तो वहीं अब सरकार पर विपक्ष की ओर से जुबानी हमले भी तेज होते नजर आ रहे हैं. जुबानी हमलों में विपक्षी दल अब सरकार पर निशाना साधने के लिए श्रीलंका का उदाहरण देने लगे हैं.
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने तो श्रीलंका के हालात का जिक्र करते हुए दावा कर दिया कि कुछ ऐसा ही भारत में भी होगा. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के विधायक इदरीस अली ने कहा है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ जो हुआ है, वही हाल यहां के पीएम मोदी के साथ होगा.
श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ जो हुआ है वही हाल यहां के पीएम मोदी के साथ होगा। भारत में जो हालात चल रहे हैं..मोदी जी पूरी तरह फेल हैं, श्रीलंका से ज्यादा यहां का बुरा हाल होगा और पीएम मोदी जी को भी इस्तीफा देकर भागना पड़ेगा: कोलकाता में टीएमसी विधायक इदरीस अली, प.बंगाल
— ANI_HindiNews (@AHindinews)
टीएमसी विधायक इदरीस इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि भारत में जो हालात चल रहे हैं, पीएम मोदी पूरी तरह फेल हैं. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सत्ताधारी दल के विधायक इदरीस अली ने कहा कि यहां के हालात श्रीलंका से भी ज्यादा खराब होंगे और नरेंद्र मोदी को भी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भागना पड़ेगा.
गौरतलब है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार के खिलाफ पिछले कई महीने से विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं. 9 जुलाई को बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर राष्ट्रपति भवन में प्रवेश कर लिया था. इस दौरान लोगों ने राष्ट्रपति भवन में 1 करोड़ 78 लाख 50 हजार श्रीलंकाई रुपये मिलने का भी दावा किया.
राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों के कब्जा करने से पहले ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे राष्ट्रपति भवन से निकल चुके थे. श्रीलंका के राष्ट्रपति इस समय कहां हैं, इस संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. बता दें कि राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के बाद स्पीकर ने एक बैठक बुलाई थी. स्पीकर ने ये ऐलान कर दिया है कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे 13 जुलाई को पद से इस्तीफा दे देंगे.