21 साल की लिंडा ने साल 2011 के बाद सबसे कम उम्र में विंबलडन जीतकर टेनिस की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है. यह उनकी पहली ग्रैंड स्लैम जीत थी जो उनके करियर का नया अध्याय साबित हुई. इस ट्रॉफी ने उन्हें ग्राउंड में एक नया सितारा बना दिया है और भविष्य के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं. लिंडा का यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ी के रूप में उनके टैलेंट और मेहनत का प्रमाण है.