पश्चिम बंगाल के आसनसोल में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) स्थित गीतांजलि होटल में शनिवार को एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे और होटल प्रबंधन से साइनबोर्ड पर होटल मालिक का नाम बड़े अक्षरों में लिखने की मांग की. संगठन का कहना है कि सावन महीने में कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और होटल के नाम से श्रद्धालु भ्रमित हो सकते हैं.
नाम लिखने से श्रद्धालु अपनी इच्छानुसार ले सकेंगे निर्णय
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका किसी समुदाय या होटल के कारोबार से कोई विरोध नहीं है. उनका कहना था कि जिस तरह अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर मालिक का नाम लिखा रहता है, उसी तरह होटलों पर भी प्रोपराइटर का नाम स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए. उनका सुझाव था कि होटल प्रबंधन चाहे तो मालिक का नाम लिखे या फिर होटल के बारे में स्पष्ट जानकारी दे, ताकि श्रद्धालु अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय ले सकें.
संगठन के प्रतिनिधि बापी साहा ने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु चंद्रचूड़ मंदिर और कल्याणेश्वरी मंदिर की ओर जाते हैं. उनके अनुसार कुछ श्रद्धालुओं ने उनसे शिकायत की थी कि होटल के नाम से उन्हें मालिक की पहचान का पता नहीं चल पाया. इसी वजह से वे सभी होटल संचालकों से प्रोपराइटर का नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अनुरोध कर रहे हैं.
जल्द लिख दिया जाएगा मालिक का नाम: होटल कर्मचारी
होटल से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि संगठन के कुछ लोग होटल आए थे और उन्होंने केवल होटल के सामने प्रोपराइटर का नाम बड़े अक्षरों में लिखने का अनुरोध किया. कर्मचारी ने कहा कि होटल में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग काम करते हैं और यहां किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता. उन्होंने यह भी कहा कि होटल प्रबंधन को इस मांग पर कोई आपत्ति नहीं है और जल्द ही होटल मालिक का नाम साइनबोर्ड पर लिख दिया जाएगा.
फिलहाल इस मामले में किसी तरह के विवाद या तनाव की सूचना नहीं है. घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत शांतिपूर्ण ढंग से हुई और होटल प्रबंधन ने संगठन की मांग पर सहमति जताई.