पुडुचेरी में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) प्रमुख एन. रंगासामी ने शुक्रवार को उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान उनके साथ एनडीए गठबंधन के नवनिर्वाचित विधायक भी मौजूद रहे.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रंगासामी द्वारा सौंपा गया समर्थन पत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
सूत्रों के मुताबिक, एन. रंगासामी 13 मई को पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. उनके नेतृत्व में एनडीए गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है.
एनडीए के पास 18 सीटें
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं भाजपा ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए चार सीटें जीतीं. एनडीए के अन्य सहयोगी दल AIADMK और लाचिया जननायगा काची (LJK) ने भी एक-एक सीट हासिल की.
इस तरह 30 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए गठबंधन के पास कुल 18 सीटें हो गई हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नामित किए जाने वाले तीन सदस्य भी विधानसभा का हिस्सा होंगे, जिससे गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती है.
विपक्ष की बात करें तो डीएमके को पांच सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत सकी. तमिलनाडु की अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिऴगा वेत्री कझगम (TVK) ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए दो सीटों पर जीत दर्ज की है.
रंगासामी चुने गए विधायक दल के नेता
सरकार गठन का दावा पेश करने से पहले शुक्रवार को एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में गठबंधन के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से एन. रंगासामी को विधायक दल का नेता चुना. इसके बाद उन्होंने उपराज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पुडुचेरी में रंगासामी की लोकप्रियता और शांत नेतृत्व शैली ने एनडीए को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. वह पहले भी कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति में बेहद प्रभावशाली नेता माने जाते हैं.
अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद शपथ ग्रहण समारोह की आधिकारिक घोषणा की जाएगी. माना जा रहा है कि 13 मई को होने वाले समारोह में भाजपा और एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं. पुडुचेरी में एनडीए की वापसी को दक्षिण भारत की राजनीति में भाजपा गठबंधन के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.