पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर निशाना साधा. नड्डा की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं के आंदोलन के बीच सरकार ने अचानक यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, लेकिन इसमें विभाग किसी और मंत्री का था और जवाब कोई और दे रहा था. उन्होंने कहा कि यही बात साबित करती है कि सरकार युवाओं के इस गंभीर मसले को लेकर संजीदा नहीं है. अखिलेश के मुताबिक, देश के छात्रों ने इस बातचीत को जीरो नंबर देकर पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
इससे पहले जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी पर सिलेक्टिव राजनीति करने का आरोप लगाया. नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने यूपीए और इंडी गठबंधन की सरकारों के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में हुए पेपर लीक के मामलों पर बात क्यों नहीं की?
जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने कहा कि बच्चे किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य हैं. सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा कराने के लिए तैयार है. विपक्ष जितने भी घंटे तय करेगा, चाहे 12 घंटे हो या 18 घंटे, सरकार हर पहलू पर गहन चर्चा के लिए राजी है.
उन्होंने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का या यह बहस करने का नहीं है कि कौन सी सरकार जिम्मेदार है. पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और इसका समाधान मिलकर निकालना होगा. नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का मकसद शिक्षा व्यवस्था में सुधार या छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना है.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर क्या कहा?
जेपी नड्डा के इन आरोपों के तुरंत बाद अखिलेश यादव ने मोर्चा खोला. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि आनन-फानन में बुलाई गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से सरकार की अगंभीरता साफ झलकती है. जब संबंधित विभाग का मंत्री सामने आकर जवाब ही नहीं दे रहा है, तो यह युवाओं के साथ एक मजाक है. देश के छात्रों ने सरकार की इस कोशिश को पूरी तरह नकार दिया है.