आम आदमी पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी के घर के सामने कांग्रेस के धरने पर सवाल उठाया है. राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया. वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने भी इस मुद्दे पर राय दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "यह कमाल है! CJP और सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर एक महीने से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार उनसे बात करने से इनकार करती है. वहीं राहुल गांधी को PM आवास के बाहर विरोध करने की इजाज़त मिल गई और एक घंटे के भीतर ही मोदी सरकार ने बातचीत शुरू कर दी. वाह! क्या जुगलबंदी है!
संजय सिंह ने एक्स पर कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए सोनम वांगचुक जी पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. जंतर मंतर पर देश का युवा आंदोलन कर रहा है, 20 जुलाई को युवाओं को बर्बरता पूर्वक पीटा गया. कांग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब राहुल गांधी जी कह रहे हैं कि “जंतर मंतर नहीं हमारे धरने में शामिल हो.” आख़िर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमज़ोर करना चाहती है कांग्रेस? जंतर मंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?
इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई. उन्होंने दावा किया कि इन प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुकने पर मजबूर कर दिया.
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समर्थकों को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने उन प्रदर्शनकारियों को पूरी कानूनी मदद का भरोसा भी दिलाया जिन्हें सोमवार को उनके 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था. उनके साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी भी मौजूद थीं.
केजरीवाल ने कहा, "मुझे लगता है कि न केवल धर्मेंद्र प्रधान, बल्कि पीएम मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए. 'मोदी हटाओ, देश बचाओ'- पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे आपने मोदी को अपने सामने झुकने पर मजबूर किया. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा."