भारत और रूस के बीच तेल के कारोबार को लेकर वैश्विक बाजार में एक बड़ा खेल चल रहा है. अमेरिकी दबाव के साथ-साथ अब चीन की नई चाल के कारण भारत के लिए रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल कम होता जा रहा है. पिछले तीन महीनों में भारत की रूस से तेल खरीद में भारी गिरावट आई है, जो लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई है. इसके विपरीत, चीन तेजी से रूसी तेल की खरीद बढ़ा रहा है और वह ऊंचे दामों पर स्पॉट बाइंग कर रहा है. इस वजह से भारत को मिलने वाले डिस्काउंट में भारी कटौती हुई है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है.