पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राम मंदिर विवाद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, कल मुझसे राम मंदिर को लेकर पूछा गया. मैं उस उत्सव पर विश्वास रखती हूं जो सभी को साथ लेकर चले, सबके बारे में बात करे. उन्होंने कहा, धर्म और आस्था का बेहद मसला निजी है. हम सामूहिकता पर विश्वास रखते हैं. जब तक जीवित रहूंगी, मजहबी बंटवारा नहीं होने दूंगी.
ममता ने आगे कहा, दूसरे समुदाय के लोगों की अवहेलना करना सही नहीं है. मैं ईश्वर-अल्लाह की कसम खाकर कहती हूं कि जब तक मैं रहूंगी तब तक कभी हिंदू-मुसलमान में भेदभाव करने नहीं दूंगी. आपको जो करना है, वो करिए, आप चुनाव से पहले जो कर रहे हैं करिए, मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
'आप कोर्ट के दिशा-निर्देश से कर रहे हैं'
ममता ने आगे कहा, जो कर रहे हो, करिए. आप कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत ऐसा कर रहे हैं. आप चुनाव से पहले नौटंकी शो कर रहे हैं, करें. लेकिन दूसरे धर्मों को छोटा मत समझो. मैं वादा करती हूं कि जब तक मैं जिंदा हूं, धर्मों के बीच बंटवारा नहीं होने दूंगी. आपने सीएए और एनआरसी के दौरान मेरा आंदोलन देखा है.
'चुनाव आते ही धर्म के आधार पर बांटते हैं'
ममता बनर्जी का कहना था कि वे (BJP) चुनाव के दौरान आते हैं और धर्म के आधार पर बांटते हैं. फिर भी वे बंगाल के बकाया का भुगतान नहीं करते हैं. हम जो कहते हैं, वो करते हैं. हम मुफ्त राशन देते हैं, वे कहते हैं कि हमारी योजना में भाजपा का लोगो लगाओ. मैं क्यों लगाऊंगी? मतदाता सूची बनाई जा रही है. नाम मत काटो, वरना वो CAA चिल्लाएंगे, वो एनआरसी चिल्लाएंगे. ध्यान रखें. जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे मतदाता सूची में शामिल हो जाएं. वो मुझसे राम मंदिर पर पूछ रहे थे, मानो एक ही काम है और कुछ नहीं.
'बिलकिस बानो केस में टीएमसी की भी जीत'
ममता ने कहा, महुआ मोइत्रा ने बिलकिस बानो के लिए केस दायर किया था. यह टीएमसी की भी जीत है. ईडी की छापेमारी पर ममता ने कहा, वे टीएमसी से डरते हैं, इसलिए वे टीएमसी नेताओं के घरों पर जाते हैं और उन्हें फर्जी मामलों में गिरफ्तार करते हैं. उन्हें लगता है कि चुनाव से पहले वे सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लेंगे और जीत जायेंगे. इतना आसान नहीं है.