हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में एक महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी से कथित यौन उत्पीड़न और पीछा करने (स्टॉकिंग) के आरोपों का सामना कर रहे एक ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने सोमवार को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है. पुलिस ने बताया कि ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने शहर में स्थित अपने भाई के फ्लैट पर आत्महत्या की कोशिश की.
ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने किसी अज्ञात पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया. मौके से एक हस्तलिखित नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. उधर, एसवीपीएनपीए में आरोपी ट्रेनी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है.
बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया
इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे ट्रेनी आईपीएस अधिकारी को उसके भाई और दोस्तों ने बेहोशी की हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. उन्हें शक था कि अधिकारी ने कोई हानिकारक पदार्थ खा लिया है. डॉक्टर के मुताबिक, गैस्ट्रिक लैवाज (पेट की सफाई) की गई, लेकिन उसमें कोई असामान्य चीज नहीं मिली. अधिकारी के खून और पेशाब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और उसके सभी जरूरी हेल्थ पैरामीटर्स सामान्य हैं.
डॉक्टर ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने वास्तव में कोई जहरीला पदार्थ लिया था या नहीं. होश में आने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी. डॉक्टर ने अधिकारी के भाई के हवाले से बताया कि उनके बिस्तर के पास शराब की एक बोतल और सैनिटाइजर की एक बोतल मिली थी.
महिला ट्रेनी IPS ने लगाए थे गंभीर आरोप
एक 30 वर्षीय महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि आरोपी अधिकारी 23 जून से इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के जरिए उसे अश्लील और यौन उत्पीड़न वाले संदेश भेज रहा था. इसके अलावा वह अकादमी में उसके दोस्तों के सामने उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां भी करता था. शिकायत में महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके चरित्र पर झूठे आरोप लगाए और यह स्वीकार करने का दबाव बनाया कि उसका एक अन्य ट्रेनी अधिकारी के साथ शारीरिक संबंध है. विरोध करने पर उसने गाली-गलौज भी की.
महिला अधिकारी का आरोप है कि 9 जुलाई को आरोपी ने उसका रास्ता रोका, जबरन अपने कमरे में ले गया, बाल पकड़कर खींचा, गला दबाने की कोशिश की, उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया और कमरे से बाहर नहीं जाने दिया. उसने यह भी आरोप लगाया कि 10 जुलाई को आरोपी ने फिर उसके साथ मारपीट की. ट्रेनी महिला आईपीएस ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि आरोपी ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और ब्लैकमेल करने की नीयत से वह वीडियो उसके पति को भेज दिया.
BNS और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
महिला अधिकारी की शिकायत के आधार पर 18 जुलाई को अट्टापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. इनमें महिला की गरिमा भंग करने की नीयत से हमला, यौन उत्पीड़न, स्टॉकिंग, महिला की मर्यादा का अपमान करने वाले शब्द या इशारे और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल हैं. पुरुष ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने ऊपर लगे आरोपों और अफवाहों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया. उसने कहा, 'मुझे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और मुझे विश्वास है कि सच सामने आएगा.' मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ट्रेनी आईपीएस पुलिस अकादमी छोड़कर चला गया था. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अधिकारी पहले आंध्र प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भी सेवाएं दे चुका है.