संसद का मॉनसून सत्र जारी है. लेकिन बीते कई दिनों से सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही है. बुधवार को एक बार फिर सदन शुरू होने से पहले ही संसद के बाहर प्रदर्शन हुआ. संसद परिसर कई तरह के नारों से गूंच उठा.
इसमें सपा के नेता और सांसद शोर मचाते हुए 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' कह रहे थे. उन्होंने अपने प्रदर्शन में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया. इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर दानपात्र में गड़बड़ी होने और नीट परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "मुद्दा वही है कि जो लोग दानपात्र की रक्षा नहीं कर पाए और श्रद्धा से चढ़ाए गए चढ़ावे को सुरक्षित नहीं रख सके, उनसे यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वे पेपर लीक रोकेंगे या परीक्षाएं रद्द होने से बचाएंगे.
संदेश साफ है कि जो आस्था के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, वे युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर सकते हैं. सबसे बड़ा संकट खुद सरकार है."

वहीं, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास के इस बयान पर कि उन्होंने कहा कि ' अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो फिर से आंदोलन किया जाएगा, अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार संसद में यह आश्वासन दे देती कि किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा और कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो पूरा मामला वहीं स्पष्ट हो जाता.
इस बीच संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने "चंदा चोर गद्दी छोड़" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. सांसदों ने राम मंदिर दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर नारेबाजी की और सरकार से जवाबदेही की मांग की.
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "लोग अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान राम के चरणों में दान और चढ़ावा अर्पित किया, लेकिन भाजपा के लोगों और उनके सहयोगियों ने उस दान को भी हड़प लिया. अयोध्या में इतनी बड़ी घटना हुई. हमारे मुख्यमंत्री भी लगातार अयोध्या जाते रहे हैं. ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री की भी जिम्मेदारी है कि वह बताएं कि यह कथित घोटाला कैसे हुआ."
डिंपल यादव ने आगे कहा कि "एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन केवल लोगों का ध्यान भटकाने की औपचारिकता है, ताकि ऐसे मुद्दे दब जाएं।" उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे समेत सभी महत्वपूर्ण जनहित के विषयों को संसद के भीतर मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।