जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है. सीजेपी ने सोमवार को दावा किया कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 16 दिनों में वांगचुक का 8.2 किलोग्राम वजन कम हो गया है. पार्टी के अनुसार, उनका ब्लड ग्लूकोज स्तर घटकर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है.
सीजेपी ने बताया कि वांगचुक का रक्तचाप 107/70 मिमी एचजी दर्ज किया गया है. प्रदर्शन का सोमवार को 24वां दिन था, जबकि वांगचुक का अनशन 16वें दिन में प्रवेश कर गया. पार्टी ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार इस मुद्दे को अहंकार की लड़ाई न बनाए, क्योंकि इससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि गलती स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और परिपक्वता का संकेत है. उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जंतर-मंतर पहुंचा
सोमवार को आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जिसका नेतृत्व आतिशी ने किया, प्रदर्शन स्थल पहुंचा और आंदोलन को समर्थन दिया. वहीं, माकपा सांसद अमरा राम और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया. नेताओं ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च का भी समर्थन किया.
सीजेपी के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग दोहराई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया. उधर, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) से जुड़े छात्र भी अलग मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं.
आइसा ने बयान जारी कर कहा कि आतिशी ने अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर उनकी सेहत पर चिंता जताई. संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी रहेगा.
सीजेपी की मांग है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. साथ ही, परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े कथित आत्महत्या के मामलों में मृत छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. संगठन ने 20 जुलाई, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है.